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नाराज सुमित्रा बोलीं, दूसरा स्पीकर चुन लें

Sat, 02 Aug 2014 08:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 02 Aug 2014 08:06 AM IST
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Angry Sumitra said Please choose another speaker

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के सब्र का बांध शुक्रवार को उस वक्त टूट गया जब एक सांसद ने आसन के पास आकर आक्रामक हरकत की।

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लोकसभा में राजद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिए जाने पर अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अखबार की प्रति फाड़ दी। अखबार के कुछ टुकड़े स्पीकर की ओर भी गए।

इस दौरान पप्पू यादव के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुवाई में कांग्रेसी सांसद भी थे। ये सभी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

सांसदों के इस व्यवहार से गुस्साईं स्पीकर ने यहां तक कह दिया कि चाहें तो वे दूसरा स्पीकर चुन लें लेकिन वह नियम के विरुद्ध जाकर उन्हें अनुमति प्रदान नहीं करेंगी।

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पप्पू यादव ने स्पीकर पर फेंके पेपर

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बाद में पप्पू यादव ने अपने आचरण के लिए माफी भी मांगी लेकिन स्पीकर ने कहा कि उनसे नहीं बल्कि अपने मन से माफी मांगें।

दरअसल पप्पू यादव सी-सैट के मुद्दे पर सदन में बैठे गृहमंत्री से स्पष्टीकरण चाहते थे। वहीं कांग्रेसी सांसद पुणे के साथ लगते गांव में हुए भूस्खलन की घटना पर स्पष्टीकरण की मांग रहे थे। लेकिन स्पीकर ने कहा कि मंत्री के बयान पर स्पष्टीकरण का लोकसभा में प्रावधान नहीं है।

इस पर पप्पू यादव और कांग्रेसी सांसद अध्यक्ष के आसन की ओर आ गए और सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाने लगे। इसी समय पप्पू यादव ने अखबार की प्रति फाड़कर अध्यक्ष की ओर उछाल दी।

इसी दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह सदन से उठकर चले गए। यहीं से स्पीकर के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने कह डाला कि चाहें तो दूसरा स्पीकर चुन लें लेकिन वह नियम के विरुद्ध नहीं जाएंगी।

लोकसभा में जमकर हुआ हंगामा

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सोनिया गांधी की मौजूदगी में सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि पहले भी जायज मांगों पर नियमों के विरुद्ध अनुमति दी जाती रही है।

तब वेंकैया नायडू ने कहा कि गृहमंत्री को भूस्खलन पर दिए गए अपने बयान को राज्यसभा में भी देना था। इसीलिए वह सदन से गए हैं। शून्य काल में स्पीकर ने पप्पू यादव को बोलने का मौका दिया। साथ में यह भी कहा कि सदन में उनका व्यवहार उचित नहीं है।

पप्पू ने इसके बाद उनसे अपने व्यवहार के लिए क्षमा मांगी। तब स्पीकर ने कहा कि अपने मन से क्षमा मांगकर प्रण कीजिए कि दोबारा ऐसा नहीं होगा। इस दौरान सत्ता पक्ष ने भी पप्पू से माफी मांगने को कहा तो उनकी सांसद पत्नी रंजीता रंजन ने इसका विरोध किया।

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'सदन की गरिमा बनाए रखी जाए'

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इसके बाद पप्पू यादव ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उन्हें अपनी मां समान मानते हैं। लेकिन राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे उठाते हुए कई बार सीमाएं लांघ जाते हैं।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह पांच बार सांसद रह चुके हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि तब उन्हें नियमों के बारे में अच्छी तरह जानकारी होनी चाहिए।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने उनके इस आचरण की निंदा करते हुए कहा कि सदस्यों को सदन की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। जब से सदन चल रहा है कुछ सदस्यों को अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर इस तरह की हरकतें करते देखा गया है। यह गलत है।

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