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'तो हत्या, रेप को भी नियमित कर दिया जाएगा'

Wed, 07 Jan 2015 12:20 PM IST
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:20 PM IST
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and then murder and rape will be regularised in india.

अवैध दुकानों व मकानों को नियमित करने के चलन से आहत सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि यही हाल रहा तो किसी दिन बलात्कार और हत्या को भी नियमित (रेगुलराइज) कर दिया जाएगा।

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इस टिप्पणी से साफ है कि देश में मनमाने तरीके से अवैध निर्माण को वैध करने का जो कारोबार चल रहा है, कहीं न कहीं देश के सर्वोच्च अदालत को इससे पीड़ा पहुंची है।
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चेन्नई उच्च न्यायालय द्वारा कुछ अवैध निर्माणों को ढहाने के आदेश को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई थी। ये निर्माण नियम-कानून को धता बताकर किए गए थे। मामला सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ के पास आया।
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इस याचिका से आहत न्यायमूर्ति दवे ने कहा कि अगर इस तरह से अवैध निर्माणों को नियमित किया गया तो एक दिन बलात्कार और हत्या को भी नियमित कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को गत 31 दिसंबर को साढ़े तीन लाख रुपये रजिस्ट्री के समक्ष जमा करने का आदेश दिया था।

अंतरिम राहत के तौर पर अदालत ने निर्देश दिया था कि भूतल को छोड़कर निर्माण ढहा दिए जाएं। चूंकि भूतल पर याचिकाकर्ता रह रहा था इसलिए अदालत ने फिलहाल उसे यह राहत प्रदान की थी। सर्वोच्च अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि इस तरह की चीजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।

'इस तरह की चीजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता'

and then murder and rape will be regularised in india.

इस याचिका से आहत न्यायमूर्ति दवे ने कहा कि अगर इस तरह से अवैध निर्माणों को नियमित किया गया तो एक दिन बलात्कार और हत्या को भी नियमित कर दिया जाएगा।

उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को गत 31 दिसंबर को साढ़े तीन लाख रुपये रजिस्ट्री के समक्ष जमा करने का आदेश दिया था। अंतरिम राहत के तौर पर अदालत ने निर्देश दिया था कि भूतल को छोड़कर निर्माण ढहा दिए जाएं।

चूंकि भूतल पर याचिकाकर्ता रह रहा था इसलिए अदालत ने फिलहाल उसे यह राहत प्रदान की थी। सर्वोच्च अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि इस तरह की चीजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।

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