VIDEO: बाहुबली राजा भैया ने दी छात्रों को नैतिक शिक्षा
अखिलेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने एक प्राइवेट स्कूल में छात्रों की क्लास ली और नैतिक शिक्षा का ज्ञान दिया।
राज्य के खाद्य एवं जन आपूर्ति मंत्री राजा भैया ने लखनऊ के नामी स्कूल के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस मौके पर कहा कि जब पूरा विश्व शिक्षा नाम भी नहीं जानता था तब भारत एक पूर्ण विकसित देश था।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया जो ग्रहों की दूरियां, चंद्र गृहण और सूर्य ग्रहण आदि के बारे में जानती है उसका ज्ञान भारत ने दिया। शून्य भारत ने दिया। उन्होंने कहा जो काशी का पंचांग है वह हजारों साल पहले आर्यभट्ट का बनाया हुआ है। खास बात यह भी है कि यह सब बिना किसी तकनीक के किया गया है।
उन्होंने कहा कि हमने पश्विमी देशों की संस्कृति से अच्छाइयां कम और बुराइयां ज्यादा अपनाईं हैं। राजा भैया ने आगे कहा कि जब भारत विश्व गुरू था तब पश्चिमी देशों के लोग पाषाण काल में जी रहे थे।
'हिंदी' को लेकर क्या बोले राजा भैया?
राजा भैया ने छात्रों से कहा कि इंग्लिश एक ग्लोबल लैंग्वेज है और इसे सीखना जरूरी है, लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि हम अपनी भाषा (हिंदी) और अपने संस्कारों की कीमत पर अंग्रेजी न सीखें। उन्होंने छात्रों से कहा कि अंग्रेजी शब्द 'हाय' की जगह 'प्रणाम' बोलें तो ज्यादा अच्छा होगा।
उन्होंने कहा कि हम बाहरी लोगों से और अपने प्रोफेशन में अंग्रेजी बोल सकते हैं लेकिन हिंदी बोलना आपको जो सुकून देता है वह अंग्रेजी बोलने से नहीं मिलता।
राजा भैया ने भारतीय संस्कारों का गुणगान करते हुए कहा कि हमारे पास जो संस्कार हैं वो दुनिया में किसी के भी पास नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कारों पर जितना भी गौरव किया जाए उतना ही कम है।
मंत्री राजा भैया ने छात्रों से इंटरनेट के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। उन्होंने छात्रों को अच्छे-बुरे कामों में फर्क पहचानने का तरीका भी बताया।
कैसे जानें क्या अच्छा और क्या बुरा है?
इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर राजा भैया ने कहा कि आज इंटरनेट का जमाना है इसलिए सभी को इसका इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन इंटरनेट के गलत इस्तेमाल से हमें बचना चाहिए।
छात्रों को अच्छे बुरे कामों की जानकारी देते हुए राजा भैया ने कहा कि जिस काम को हम अपने माता-पिता और बड़ों के सामने नहीं कर सकते वह सभी काम बुरे होते हैं।
उन्होंने कहा जो काम हम अपने मां-बाप की अनुमति के बिना नहीं कर सकते या जिस काम के लिए हमें डर होता है कि किसी को पता न चल जाए वो काम करने से हम सभी को बचाना चाहिए। उन्होंने कहा अच्छे और बुरे काम में अंतर करने यह सबसे आसान तरीका है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर किसी काम के लिए उनके माता पिता से अनुमति नहीं मिलती या वो सुविधा नहीं मिल पाती जिसे आप चाहते हैं तो उसके लिए जरा भी दुख नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतोष एक ऐसी चीज जो हर किसी को खुश रख सकता है।
राजा भैया ने अपने इस नैतिक शिक्षा का वीडियो भी अपनी भेसबुक पेज पर शेयर किया था जिसे आप अगले स्लाइड में देख सकते हैं।
क्या कहा राजा भैया ने? खुद ही सुनिए