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'अराजक' पर अंसारी की सफाई, नहीं लगाया किसी पर आरोप

Wed, 14 Aug 2013 08:50 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 14 Aug 2013 08:50 PM IST
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anarchists remark not an allegation against anyone saya ansari

अपनी एक तल्ख टिप्पणी से मंगलवार को राज्यसभा में अजीब स्थिति पैदा करने वाले सभापति हामिद अंसारी बुधवार को नरम दिखे।

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अपनी टिप्पणी से पैदा हुआ विवाद को खत्म करने के लिए उन्होंने सफाई दी कि उनकी यह बात किसी के खिलाफ आरोप नहीं था।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सदन में जब उन्होंने यह टिप्पणी की थी। उस समय के माहौल को देखते हुए सदन का सचिवालय उनकी टिप्पणी की समीक्षा करेगा। मगर उन्होंने राज्यसभा के अराजक तत्वों का संघ वाली अपनी सवालिया टिप्पणी वापस नहीं ली।

जबकि बुधवार को भी भाजपा ने उनसे टिप्पणी वापस लेने की मांग की थी। वहीं सपा और भाजपा को छोड़कर ज्यादातर दल अंसारी के साथ खड़े दिखे।

कांग्रेस के सदस्यों ने अंसारी की टिप्पणी पर सहमति जताते हुए सदस्यों को अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी। मंगलवार को सरकार ने भी टिप्पणी को रिकॉर्ड से निकलवाने की बात कही थी। मगर बुधवार को सरकार इस मामले पर चुप्पी साध ली।
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राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति की टिप्पणी को लेकर चर्चा आरंभ हो गई। अंसारी ने शुरू में सफाई दी कि उन्होंने जिस शब्द अराजक यानी एनार्किट्स का उपयोग किया, दुनिया के कई संस्थान और लोगों का नाम उस शब्द पर आधारित है। इसी नाम का एक अंतरराष्ट्रीय संघ भी है। उन्होंने सफाई दी कि उनकी बात के आगे अगर शब्द का भी उपयोग किया गया था।
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मगर सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि ऐसे तो एक हिंदी फिल्म का नाम थ्री इडियट्स है और इसका उदाहरण लेते हुए कोई भी सांसदों को इडियट यानी बेवकूफ कह दे तो कैसा लगेगा।


विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सदन में कामकाज लगातार हो रहा है। न्यूजीलैंड की संसद और भारत में तमिलनाडु विधानसभा में इस शब्द को अंससदीय घोषित किया गया है। उन्होंने रिकॉर्ड में सुधार का फैसला सभापति पर छोड़ दिया।

भाजपा सदस्य नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि अगर आप अपनी बात वापस ले लेंगे तो छोटे नहीं हो जाएंगे। इसलिए वे बड़प्पन दिखाएं।

उधर कांग्रेस के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि सदस्यों को सदन में अपने आचरण के बारे में आत्मावलोकन की जरूरत है।

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