फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   An officer special method for helmet awareness.

ये हैं पन्नालाल, बिना हेलमेट वालों के लिए ले आए गजब की तरकीब

Fri, 04 Dec 2015 02:33 PM IST
Updated Fri, 04 Dec 2015 02:33 PM IST
विज्ञापन
An officer special method for helmet awareness.

बाइक सवारों को हेलमेट के प्रति जागरुक करने का एक अफसर ने नायाब तरीका खोजा है। वह बिना हेलमेट के बाइक सवार के मिलने पर चालान नहीं काटते बल्कि उसे दुकान पर ले जाते हैं और हेलमेट खरीदवाते हैं। यह अफसर हैं चित्रकूट के नयागांव (मध्य प्रदेश) में तैनात एसडीओ पन्नालाल अवस्थी।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित नयागांव इलाके में बिना हेलमेट बाइक चलाना आम बात रही हैं, लेकिन यहां तैनात होते ही एसडीओ पन्नालाल अवस्थी ने नई तरकीब निकाली। उन्होंने बिना हेलमेट चलने वालों का चालान काटने के बजाय हेलमेट देने का फैसला लिया।
विज्ञापन


एसडीओ पन्नालाल अवस्थी कहते हैं कि चालान काटने के बाद बाइक सवार हेलमेट खरीदना भूल जाता है। जबकि उनकी इस पहल से बाइक सवार के पास तुरंत हेलमेट हो जाता है। इससे दोबारा सड़क पर निकलने से पहले वह हेलमेट जरूर लगाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

'एमपी की तर्ज पर यूपी में भी चले अभियान'

An officer special method for helmet awareness.

एसडीओ ने बताया कि वह रीवा तैनाती के दौरान एक एक्सीडेंट उनके सामने हुआ। इसमें एक ही परिवार के तीन लोग बाइक से निकले और तीनों हेलमेट पहन रखे थे। कुछ दूर पर ट्रक ने टक्कर मार दी, लेकिन हेलमेट की वजह से वे बच गए। इस घटना ने पूरी तरह से हिला दिया।

इसके बाद उन्होंने हेलमेट के प्रति जागरुक करने का फैसला लिया। चित्रकूट आने पर तीर्थ क्षेत्र में एक घटना हुई। इसमें जानकीकुंड अस्पताल से पहले श्रीधर आश्रम के सामने एक बाइकसवार की बाइक सीधे खंभे से टकरा गई जिसमें उसका सिर भी उस खंभे से भिड़ गया लेकिन चालक हेलमेट लगाने की वजह से बच गया।

इसके बाद तो संकल्प ही ले लिया कि हर बाइक सवार को हेलमेट खरीदवा कर मानेंगे। इसी संकल्प के तहत अभियान चला रहे हैं। बिना हेलमेट के चल रहे बाइक सवारों को रोककर उनको चालान करने की बजाय उसी राशि में हेलमेट खरीदवाते हैं।

अबतक दे चुके हैं तीन सौ हेलमेट

An officer special method for helmet awareness.

एसडीओपी पन्ना लाल अवस्थी ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी थानाध्यक्षों को इस अभियान को गति देने के लिए कहा है। उनका मानना है यह किसी कानून के नियमों में नहीं है इसलिए वह बाईक सवारों को मानवता का पाठ पढाकर उनको हेलमेट से बचाव के कारण बताकर चालान के लिए ली जाने वाली राशि में हेलमेट प्रदान करते हैं।

अब तक वह लगभग तीन सौ लोगों को हेलमेट दे चुके हैं, जिनमें यूपी के बांदा, अतर्रा, महोबा, चित्रकूट, राजापुर आदि क्षेत्र के भी लगभग साठ लोग शामिल है। एसडीओपी ने बताया कि जो भी बाईक सवार हो जो बिना हेलमेट है और जिसे पूर्व में उनके इस अभियान द्वारा हेलमेट दिया जा चुका है को भी दुबारा राशि लेकर हेलमेट दिया जाएगा।

इस तरह उसके पास इतने हेलमेट हो जाएंगे कि पारिवारिक लोग भी उसे हेलमेट पहन कर चलने के लिए सलाह देंगे। एसडीओपी पीएल अवस्थी को इस अभियान के लिए सोशल मीडिया में फेसबुक पर लाखों लोग लाइक कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने अपने अकाउंट पर इस बात की जानकारी दी, उनके पास बधाइयों का तांता लग गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed