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ताजमहल के ऊपर पहुंचा विमान, CISF जवानों ने ताने हथियार

Sat, 26 Sep 2015 01:15 PM IST
Updated Sat, 26 Sep 2015 01:15 PM IST
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Aircraft in No fly zone above taj mahal - Air security broken

ताजमहल पर एक बार फिर हवाई सुरक्षा का घेरा तोड़ा गया। शुक्रवार सुबह ईद की नमाज के दौरान नो फ्लाई जोन में विमान के उड़ान भरने से लोग चौंक उठे।

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सीआईएसएफ एलर्ट हुई तो पता चला कि यह विमान एयरफोर्स का है। सीआईएसएफ ने मामले की जांच के लिए पुलिस के साथ एयरफोर्स को भी पत्र लिखा है। ताजमहल और मथुरा रिफाइनरी के 10 किमी दायरे में नो फ्लाई जोन घोषित है।
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ईद की नमाज के तुरंत बाद शुक्रवार को ताजमहल के ऊपर से आईएल-76 विमान की आवाज ने नमाजियों को चौंका दिया। लोग हैरत में थे कि आखिर गुंबद के ठीक ऊपर से विमान की उड़ान कैसे हो रही है।
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विमान को देख गुंबद पर तैनात सीआईएसएफ जवानों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। एयरफोर्स का विमान होने की जानकारी पर जवानों ने हथियार नीचे किए। सीआईएसएफ सूत्रों के मुताबिक, रेड जोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी फोर्स की है। यह विमान यलो जोन में उड़ रहा था। एयरफोर्स का विमान वर्ल्ड हेरिटेज साइट के ऊपर से कैसे उड़ा, इसकी जांच की जा रही है।

पैराग्लाइडर, ड्रोन तोड़ चुके सुरक्षा घेरा

Aircraft in No fly zone above taj mahal - Air security broken

ताजमहल पर इससे पहले कई बार सुरक्षा घेरा तोड़ा जा चुका है। इसी साल 16 मार्च को सेना का पैराग्लाइडर ताज के ऊपर उड़ान भर गया, जिसे हवा के दबाव में वहां तक पहुंचना मान लिया गया।

बीते साल फिल्म तेवर की शूटिंग के लिए अनुमति न होने पर भी ड्रोन कैमरा उड़ाया गया था, महज 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इससे पहले 20 मई 2012 को ताज के ऊपर गजराज विमान ने भी उड़ान भरी थी।

एएसआई, सीआईएसएफ और प्रशासन द्वारा कार्रवाई न किए जाने से ताज महल पर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कई घटनाएं अब लगातार हो रही हैं।

ड्रोन को अनुमति नहीं

Aircraft in No fly zone above taj mahal - Air security broken

यूपी टूरिज्म द्वारा हेरिटेज आर्क के प्रमोशन के लिए नेशनल जियोग्राफिक चैनल की टीम से नया वीडियो तैयार कराया जा रहा है। हेरिटेज आर्क में शामिल आगरा, लखनऊ और वाराणसी के स्मारकों, पर्यटन स्थलों की शूटिंग एक महीने तक चलेगी।

आगरा में ताजमहल, किला, सीकरी, महताब बाग, एत्माद्दौला, सिकंदरा की शूटिंग 27 और 28 सितंबर को की जाएगी। शूटिंग टीम ने ड्रोन कैमरे की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने ताजमहल पर पूर्व में हुए विवादों को देखते हुए ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं दी है।

बता दें कि डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) सात अक्तूबर 2014 से यूएवी और यूएएस (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स) के सिविल और कॉमर्शियल प्रयोग पर पाबंदी लगा चुका है।

सुरक्षा में भारी खतरा मानते हुए डीजीसीए ने इसके लिए एयर नेवीगेशन सर्विस प्रोवाइडर, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों से अनुमति जरूरी करार दी है। किसी भी गैर सरकारी, संस्था, व्यक्ति को इनकी अनुमति नहीं दी जाएगी।

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