मोदी के लिए मुस्लिमों को लुभाएंगे अमिताभ!
आगरा में हुए धर्मांतरण के मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक किरकिरी झेलने वाली भाजपा सरकार अब अल्पसंख्यकों को लुभाने की विशेष तैयारी कर रही है। जहां एक ओर भाजपा ने अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यकों को लुभाने की जिम्मेदारी दी हैं, वहीं दूसरी ओर यह खबरें भी आ रही हैं कि भाजपा अमिताभ बच्चन की मदद से एक ऐसा विज्ञापन जारी करने की तैयारी में है जो मोदी सरकार की छवि को सुधारने में काफी हद तक मदद करेगी।
संघ समर्थित 'घर वापसी' कार्यक्रम ने काफी बवाल खड़ा किया था। विपक्ष ने सरकार के इस कदम को राष्ट्र के लिए खतरा बताते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग भी की थी। लेकिन अस्पसंख्यक विरोधी मानी जाने वाली भाजपा अब इन्हीं अल्पसंख्यकों को लुभाने की तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी अमिताभ बच्चन मोदी के कहने पर गुजरात सरकार के लिए विज्ञापन कर चुके हैं, जिसमें वो गुजरात को काफी बेहतर बताते हुए नजर आते हैं। बताय़ा जाता है कि उन्होंने इस विज्ञापन के लिए एक भी पैसा नहीं लिया था।
अमिताभ बच्चन को भेजा गया बुलावा
मुस्लिम समुदाय को लुभाने के लिए सरकार एक विज्ञापन बनाने की तैयारी कर रही है। इस विज्ञापन में अमिताभ बच्चन की मदद ली जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमिताभ बच्चन ने बुलावा भेजा है।
अमिताभ बच्चन अपनी दमदार आवाज के जरिए इस विज्ञापन में मोदी सरकार को विकास समर्थक बताते हुए नजर आ सकते हैं।
अमिताभ बच्चन ने हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अमिताभ ने 21 दिसंबर को नरेंद्र मोदी के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। अमिताभ राजधानी में आर बाल्की की फिल्म के सिलसिले में आए थे।
नकवी पहुंचेंगे अल्पसंख्यकों के बीच
वहीं भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वो अल्पसंख्यकों तक भाजपा की उन सारी योजनाओं को जोर-शोर से पहुंचाने का प्रयास करें जो उनके हित को ध्यान में रखते हुए लाई गई हैं।
नकवी ने बताया कि उन्हें अल्पसंख्य़क समुदाय का भी विश्वास जीतना है। उन्होंने बताया, " अपने ऑफिस में बैठे बैठे इस समुदाय का विश्वास नहीं जीता जा सकता है। इसके लिए उनके पास जाना होगा, इसलिए मैने तया किया है कि मैं उनके बीच जाऊंगा एक राजनेता के तौर पर नहीं बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में, ताकि उनतक अपनी सरकार की योजनाएं पहुंचा सकूं।"
नकवी को दो या तीन जनवरी से अपने इस अभियान का शंखनाद करना है। नकवी अपनी यात्रा की शुरूआत केरल से करेंगे और बजट सत्र से पहले देश के 60 से 70 फीसदी राज्यों का दौरा करने का लक्ष्य तय किया है।