पोलियो-टीबी के बाद 'बिग बी' लेंगे अब इस बीमारी से मोर्चा
मेगा स्टार अमिताभ बच्चन अब हेपटाइटिस-बी के खिलाफ महाअभियान के दूत बन गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बीमारी को जड़ से हटाने की मुहिम प्रभावशाली बनाने के लिए उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाया।
अब वे इससे निपटने में अपना विशेष योगदान देते नजर आएंगे। पोलियो उन्मूलन और टीबी के खिलाफ अभियान में अहम भूमिका निभा चुके अमिताभ इस अभियान के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लेंगे।
स्वास्थ्य मंत्रालय को उन्होंने हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ अभियान की अगुवाई करने की इच्छा जाहिर की थी। हाल में ही अमिताभ बच्चन ने इस संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की थी। इसी के बाद मंत्रालय ने इस पर मुहर लगाई।
सरकार की सामाजिक योजनाओं का हिस्सा बनने के लिए सिनेमा और खेल के कई सितारे आगे आने को तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय के सामने ही करीब आधा दर्जन सितारे मदद का प्रस्ताव दे चुके हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने महानायक को बनाया दूत
सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान में महानायक की मौजूदगी को प्रभावशाली बनाने के लिए कई तरह के नये प्रयोग किये जाएंगे। ताकि शहर से लेकर सुदूर गांव तक लोगों के बीच सरकार का संदेश पहुंच सके।
हेपेटाइटिस-बी से निजात दिलाने को गंभीर मंत्रालय ने इस बीमारी पर अलग से निगरानी करनी शुरू कर दी है। मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत बच्चों को विशेष रूप से इसका टीका भी लगाया जा रहा है।
इससे पहले पोलियो के खिलाफ अभियान ‘दो बूंद जिंदगी की’ को सफल बनाने में अमिताभ उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं। इसके लिए यूनिसेफ ने उन्हें ब्रांड अंबेसडर बनाया था। जबकि टीबी के खिलाफ ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ कैंपेन में भी वे विशेष योगदान दे रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि समाज और देश में प्रतिष्ठित व सफल हस्तियों के साथ जुड़ने से स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूकता पैदा करने में काफी मदद मिलती है।