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'84 सिख दंगा मामले में अमिताभ भी होंगे गवाह
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2013 08:11 AM IST
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1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों के एक मामले में अमिताभ बच्चन को गवाह बनाया जा सकता है। पुल बंगश सिख दंगा मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने अमिताभ बच्चन और कांग्रेसी नेता आरके धवन के बयान दर्ज न करने पर सवाल उठाया।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला की अदालत में मंगलवार को याचिका पर अधिवक्ता एचएस फूलका ने पीड़ित पक्ष की ओर से बहस पूरी की। याचिका पर सीबीआई 19 फरवरी को अपना जवाब दाखिल करेगी। मामला गुरुद्वारा पुल बंगश में एक नवंबर 1984 को तीन सिखों की हत्या से संबंधित है। बाड़ा हिंदूराव थाने में यह मामला दर्ज किया गया था।
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टाइटलर के खिलाफ नानावती जांच आयोग की सिफारिश पर 2005 में मुकदमा दर्ज किया गया था। दंगा पीड़ित लोकेंदर कौर ने टाइटलर को सीबीआई की क्लीनचिट के खिलाफ सेशन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। लोकेंदर कौर दंगों में मारे गए बादल सिंह की पत्नी हैं। टाइटलर पर पुल बंगश इलाके में दंगा भड़काने और बादल समेत तीन सिखों की हत्या का आरोप है।
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याचिका पर बहस करते हुए अधिवक्ता फूलका ने कहा कि सीबीआई को अमिताभ बच्चन, आरके धवन, पूर्व पुलिस आयुक्त गौतम कौल को गवाह के तौर पर अदालत में बुलाना चाहिए। सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट को सही साबित करने के लिए आरोपी की ओर से दी गई वीडियो सीडी कड़कड़डूमा स्थित एसीएमएम राकेश पंडित की कोर्ट में पेश की थी।
आरोपी टाइटलर का कहना था कि दंगों के दौरान वे तीन मूर्ति भवन में इंदिरा गांधी के पार्थिव शरीर के पास थे। इस सीडी में समय और तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस सीडी में आरके धवन, गौतम कॉल और अमिताभ बच्चन को टाइटलर के नजदीक खड़े दिखाया गया है। इस लिहाज से वीडियो सीडी की सत्यता की कसौटी के लिए इन तीनों के बयान दर्ज होने चाहिए थे।