फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   amitabh bachchan tweets about bala saheb

'हमें छोड़ कर चली गई, लो दिन की मौन संगिनी साया'

Sun, 18 Nov 2012 10:45 AM IST
नोएडा/इंटरनेट डेस्क
नोएडा/इंटरनेट डेस्क Updated Sun, 18 Nov 2012 10:45 AM IST
विज्ञापन
amitabh bachchan tweets about bala saheb
मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने बाला साहेब ठाकरे के निधन पर ट्वीटर पर अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता की दो पंक्तियों के जरिए शोक संवेदना व्यक्त किया है। ये पंक्तियां हैं- हमें छोड़ कर चली गई, लो दिन की मौन संगिनी साया। साथ ही अमिताभ ने लिखा कि दो दिन पहले मैं कुछ घंटे तक उनके बिस्तर के पास बैठकर उन्हें देखता रहा था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, पर वे लगातार संघर्ष कर रहे थे। जिस तरह वे अपनी परिस्थितियों से लड़ रहे थे, जूझ रहे थे, उसे देखकर उनके डॉक्टर भी चकित थे। उनके देहांत के बाद उनके पार्थिव शरीर के पास खड़े होकर भी यह यकीन कर पाना कि वे हमारे बीच नहीं रहे, मेरे लिए मुश्किल होगा।
विज्ञापन


बाघ नहीं शेर थे ठाकरे : दिलीप कुमार
बीते जमाने के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने शनिवार को बाला साहेब ठाकरे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे बाघ नहीं, बल्कि शेर थे। पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रहण करने की वजह से एक बार बाला साहेब के गुस्से का शिकार हो चुके दिलीप कुमार ट्विटर पर लिखा है कि ठाकरे के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। आगे उन्होंने लिखा है कि वे उन शामों को अपनी यादों में संजो कर रखना चाहते हैं, जब वे बाला साहेब के घर में चाय के साथ अपने मतभेदों को दूर करते थे।
विज्ञापन


दिलीप कुमार ने ठाकरे परिवार के लिए प्रार्थना करते हुए कहा है कि ऊपर वाला उद्धव ठाकरे को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। गौरतलब है कि 1998 में दिलीप कुमार को पाकिस्तान ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इंतियाज से सम्मानित किया था। ठाकरे चाहते थे कि दिलीप कुमार इसे सम्मान को लौटा दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या बोले अभिनेता
आज जब मैं मातोश्री गया तो मैं दिल में प्रार्थना कर रहा था। वह प्रार्थना अब भी जारी है। ईश्वर बाला साहेब की आत्मा को शांति दें। उनके परिवार और शुभचिंतकों को शक्ति दें। -ऋतिक रोशन

उनके निधन से भारतीय राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है। मैं उनके साहस के लिए हमेशा से उनका प्रशंसक रहा हूं। वे वास्तव में टाइगर थे। - अक्षय कुमार

बाला साहेब हमेशा अपनी जिंदगी से बड़े रहेंगे। वे मददगार, साहसी और एक सच्चे राष्ट्रवादी थे। उनके लिए देश सबसे पहले आता था। वे लोकप्रियता के लिए चालें नहीं चलते थे और खरी बातें करते थे। - अनुपम खेर

स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने कहा है कि हिंदू हृदय सम्राट, परम आदरणीय श्री बालासाहेब ठाकरे हम लोगों को छोड़कर अनंत में विलीन हो गए। यह सत्य है कि आज महाराष्ट्र अनाथ हो गया।

एक्टर-प्रोड्यूसर अजय देवगन ने कहा है कि दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता वाले महान नेता अब हमारे बीच नहीं रहे।

निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने ट्वीट किया है कि अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म सरकार बालासाहेब के जीवन पर आधारित थी। वर्मा ने लिखा है कि इस फिल्म को देखने के बाद बालासाहेब ने मुझे गले लगा लिया था और उस क्षण को मैं कभी भूला नहीं सकता।


फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने ट्विटर पर लिखा है कि बालासाहेब जिस चीज पर विश्वास करते थे उस पर कायम रहते थे। इसी बात ने उन्हें एक महान नेता बना दिया। वे पैनी निगाह रखते थे और खरी बात बोलते थे। हमें हमेशा उनकी याद आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed