शाह की नई टीम से कई भाजपा नेता नाराज
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नई टीम के ऐलान के साथ ही पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसकी शुरुआत लगातार चौथी बार अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाए गए फग्गन सिंह कुलस्ते ने की है। 5 बार से सांसद कुलस्ते ने नई जिम्मेदारी संभालने से इनकार कर दिया है।
उनका कहना है कि पार्टी या तो उन्हें पदोन्नति दे या फिर वह बतौर सांसद ही ठीक हैं। इस दौरान वह यह भी याद दिलाने से नहीं चूके कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महासचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
उन्होंने अपनी नाराजगी को बगावत मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह उनकी नहीं उनके क्षेत्र और उनसे जुड़े लोगों की भावना है। नई टीम के गठन के बाद से पार्टी में कई अन्य नेता भी नाराज बताए जा रहे हैं। मगर फिलहाल किसी ने इस मामले में सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं जताई है।
शाह की टीम बनने के बाद कई अन्य नेताओं को झटका
कुलस्ते ने कहा कि लगातार चार साल तक एक ही पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। वह तो प्रधानमंत्री मोदी के साथ पार्टी महासचिव पद की जिम्मेदारी भी साथ-साथ निभा चुके हैं।
उन्होंने कहा, मैंने मोदीजी से सरकार में काम करने की इच्छा जताई थी। बाद में संगठन महासचिव रामलाल से भी बड़ी जिम्मेदारी मांगी थी। इसके बावजूद चौथी बार उसी पद का दायित्व समझ से परे है। पार्टी या तो मुझे बड़ी जिम्मेदारी दे या फिर मैं महज सांसद बन कर ही पार्टी की सेवा करना चाहता हूं। मेरी जगह किसी नए चेहरे को मोर्चा की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह चौथी बार मोर्चा की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे।
शाह की नई टीम के ऐलान से कई अन्य नेताओं को भी झटका लगा है। मसलन फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी को नई टीम में जगह नहीं दी गई है तो पुरानी टीम के 5 उपाध्यक्षों, दो महासचिवों और बड़ी संख्या में सचिवों की भी छुट्टी कर दी गई है।
उपाध्यक्ष बनाए गए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी यह कहकर परोक्ष नाराजगी जताई कि उनके क्षेत्र के लोग उन्हें मंत्री के रूप में देखना चाहते थे। इसके अलावा कई अन्य नेता भी नाराज हैं, मगर ये सभी फिलहाल खुल कर नाराजगी जताने से हिचक रहे हैं।