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चुनावों की आहट से चौकन्ना हुए शाह, संगठन के तार कसने में जुटे

Sun, 07 Feb 2016 05:51 AM IST
Updated Sun, 07 Feb 2016 05:51 AM IST
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amit shah started prepration for state elections

दोबारा भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह अपने टीम के एलान से पहले चुनावी राज्यों में संगठन के तार कसने में जुट गए हैं। इस कवायद में उन्होंने शनिवार को पंजाब भाजपा नेताओं के कोर समूह के साथ लंबी मंत्रणा की तो रविवार को वह उत्तर प्रदेश से जुड़े नेताओं और 17 फरवरी को उत्तराखंड के वरिष्ठ भाजपा नेताओं संग चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे।

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बताया जा रहा है कि पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन तोड़ने या जारी रखने के मामले में प्रदेश के नेताओं ने निर्णय लेने का अधिकार आलाकमान पर छोड़ दिया है। पंजाब के की रणनीति को लेकर शाह ने शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली के निवास पर राज्य भाजपा नेताओं के संग लंबी मंत्रणा की।
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सूत्र बताते हैं कि सभी प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों ने अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर अपनी राय शीर्ष नेतृत्व के सामने जाहिर की। बताया जा रहा है कि प्रदेश के अधिकतर नेताओं ने अकाली दल से गठबंधन तोड़ कर चुनाव मैदान में अकेले उतरने पर जोर दिया।
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लेकिन इस निर्णय लेने का अधिकार शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ दिया गया है। कहा जा रहा है कि राज्य भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर इस बैठक में चर्चा नहीं हुई है। इस मामले में शाह कुछ वरिष्ठ नेताओं से अलग से चर्चा कर सकते हैं।

सभी को एकजुट करना चाहते हैं शाह

amit shah started prepration for state elections

वैसे प्रदेश भाजपा नेताओं की शाह से मंत्रणा बैठक से पहले सूबे के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी उनसे मिलकर प्रदेश के सियासी माहौल पर चर्चा की।

बताया जा रहा है कि चुनावी समर में उतरने से पहले शाह प्रदेश के सभी नेताओं को एकजुट करना चाहते हैं। पार्टी गतिविधियों से दूरी बरत रहे सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को भी साधने की कवायद है।

आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें प्रदेश में चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाकर सक्रिय किया जा सकता है। उन्हें साधने की जिम्मेदारी शाह ने पहले की तरह अरुण जेटली को सौंपी है तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए उनके इनकार के बाद वर्तमान अध्यक्ष कमल शर्मा और अविनाश राय खन्ना के बीच टक्कर है।

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