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शाह की नसीहत, 60 पार के नेता छोड़ दें राजनीति

Sun, 15 Nov 2015 09:55 AM IST
Updated Sun, 15 Nov 2015 09:55 AM IST
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Amit Shah says politicians should retire at 60, then clarifies

बिहार चुनावों बाद भाजपा में बुजुर्ग नेताओं की ओर से उठ रहे विरोध स्वरों को खत्म करने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के नेताओं को सक्रिय राजनीति खुद छोड़ देना चाहिए। हालांकि बयान पर पार्टी के भीतर ही कसमसाहट होने के बाद वह पलट गए ओर बोले की उन्होंने ऐसा कुछ कहा ही नहीं।

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शनिवार को चित्रकूट में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के नेताओं को सक्रिय राजनीति खुद छोड़ देनी चाहिए और समाजसेवा में सक्रिय हो जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने नानाजी देशमुख का उदाहरण पेश किया।
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शाह ने कहा कि नानाजी चाहते तो राष्ट्रपति बन सकते थे, लेकिन उन्होंने चित्रकूट को अपनी कर्मभूमि बनाते हुए समाज को नई दिशा देने का काम किया। उल्लेखनीय है कि भाजपा आला नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 65 और वित्त मंत्री अरुण जेटली 62 साल के हैं। हालांकि शाह 51 साल के हैं।  शाह चित्रकूट में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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भाजपा ने दी अमित शाह के बयान पर सफाई

Amit Shah says politicians should retire at 60, then clarifies

शाह ने अपने भाषण में बार-बार समाजसेवा का जिक्र किया। सियासी मुद्दों से दूर रहने की भरसक कोशिश की। करीब 25 मिनट के भाषण में वह गाय और भारतीय संस्कृति का बखान करते रहे। इस दौरान उन्होंने गाय की विस्तृत व्याख्या की और भारतीय संस्कृति को विश्व मानचित्र पर अव्वल बताया।

मीडिया ने तोड़मरोड़ कर पेश किया शाह का बयान: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साठ साल की उम्र वाले राजनेताओं को राजनीति छोड़ देने की नसीहत देने सफाई देते हुए भाजपा ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश के चित्रकूट में अपने भाषण के दौरान कभी भी ऐसा नहीं कहा। उनके बयान को मीडिया द्वारा ‘तोड़ मरोड़कर’ और संदर्भ से अलग रखकर पेश किया गया।

बयान के मुताबिक, ‘शाह की टिप्पणी प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख के व्यक्तित्व, कार्यों और विचारधारा को लेकर थी जिसे मीडिया ने तोड़-मरोड़कर और संदर्भ से पृथक कर पेश किया।’

शाह ने कभी भी अपने बयान में यह नहीं कहा कि 60 साल की आयु के बाद राजनेताओं को राजनीति छोड़ देनी चाहिए। उनके बयान को इस तरह पेश करना न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत है बल्कि अनुचित भी है।

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