आतंकी हमले की साजिश, निशाने पर थे शाह
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बिहार में एक बार फिर आतंकी हमलों की साजिश रची जा रही थी। सोमवार की देर रात पटना के बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में हुए बम धमाके की शुरुआती जांच में इस बात के संकेत मिले हैं। वहां जिस प्रकार के सामान बरामद हुए हैं वैसे सामान आम तौर पर आतंकी इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस के अनुसार वहां से बरामद टाइमर बम उसी कंपनी की घड़ी से बनाया गया है, जिस कंपनी की घड़ी का इस्तेमाल पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र्र मोदी की चुनावी सभा के दौरान हुए बम ब्लास्ट में किया गया था। इसमें अमोनियम सल्फेट का इस्तेमाल किया गया था।
माना जा रहा है कि मोदी की तरह ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की प्रस्तावित पटना रैली में भी विस्फोट की योजना थी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है और एटीएस और एनआईए की टीम जांच में मदद के लिए पटना पहुंच गई है।
सोमवार को हुए धमाके में मिले साजिश के तार
शुरुआती जांच से साजिश की आशंका दिख रही है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी घटना को गंभीर साजिश मानने से इनकार नहीं किया है, उन्होंने कहा कि हर पहलू की जांच की जा रही है।
अगमकुंआ थाना क्षेत्र के भूतनाथ रोड स्थित हाउसिंग कॉलोनी में सोमवार की देर रात ब्लाक-12 की चौथी मंजिल के फ्लैट में बम बनाने के दौरान विस्फोट हो गया था। वैसे इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन धमाके के बाद लोगों में अफरातफरी मच गई थी।
सूचना मिलते ही डीआईजी उपेंद्र्र कुमार सिन्हा, एसएसपी जितेन्द्र राणा और सिटी एसपी पूर्वी सुधीर कुमार पोरिका और एसडीपीओ समेत भारी पुलिस बल वहां पहुंचे। पुलिस ने आसपास घेराबंदी कर तलाशी शुरू कर दी। तलाशी के दौरान फ्लैट में रखे एक झोले में तीन केन बम बरामद किए गए।
समय से पहले फट गया था बम
बम निरोधक दस्ते ने एक घंटे की मशक्कत के बाद सर्किट व टाइमर लगे बमों को निष्क्रिय कर दिया। एसएसपी राणा के अनुसार इन बमों में लोटस कंपनी की घड़ी लगी हुई थी। इसी कंपनी की घड़ी गांधी मैदान और बोध गया ब्लास्ट में भी इस्तेमाल हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि विस्फोट के बाद दो युवक छत से कूदकर भागे और दो युवक बाइक से फरार हुए थे। पुलिस ने कहा कि इस दिशा में जांच जारी है। एनआइए और एटीएस की टीम पूरे मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। मामले के तार नालंदा से भी जुड़ रहे हैं।
बताया जाता है कि जिस फ्लैट में विस्फोट हुआ वो नालंदा के रहने वाले हेमंत नामक शिक्षक का है जिसने उक्त मकान को कुंदन कुमार किराये पर दे रखा था। एटीएस की टीम मंगलवार को नालंदा जाकर हेमंत के भाई से पूछताछ की है। हेमंत और कुंदन फरार बताये जा रहे हैं।