प. बंगाल में ममता के खिलाफ अमित शाह का नया गेम प्लान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार की जंग अभी समाप्त भी नहीं हुई है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांगेस से पार पाने संबंधी ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के दिन 8 नवंबर को आयोजित पत्रकार वार्ता से ही शाह लोकतंत्र बचाओ, ममता भगाओ के हुंकार के साथ पश्चिम बंगाल की सियासी लड़ाई की शुरूआत कर देंगे।
बताया जा रहा है कि ममता सरकार के प्रशासनिक अक्षमता को सामने रखते हुए भाजपा उनके खिलाफ जनभावना बनाएगी। इसके अलावा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जरिए वह अपनी राष्ट्रवादी छवि के साथ राज्य के लोगों की भावना भुनाएगी।
नेताजी के पूरे परिवार के साथ बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होने वाली मुलाकात को इस कवायद का ही हिस्सा माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के सियासी मोर्चे के लिए शाह का ब्लूप्रिंट तैयार
इस बीच भाजपा ने सूबे में अपने संगठन को भी मजबूत करने की रणनीति बनाई है। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और सूबे के पूर्व प्रभारी सिदार्थ नाथ सिंह जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं से बैठक संगठन का ढांचा दुरूस्त कर चुके हैं।
अगले दो महिनों में उनकी योजना विधानसभावार कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने की है। सूबे की रणनीति से जुड़े एक नेता ने बताया कि पश्चिम बंगाल में हवा या लहर पैदा करके चुनाव नहीं जीता जा सकता है।
माहौल को पार्टी के पक्ष में करने के लिए जमीन पर कार्यकर्ताओं का होना जरूरी है। इसलिए पार्टी की रणनीति ममता से लोहा लेने के लिए जमीन पर कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने की है।
वहीं ममता के सामने मुकाबले के लिए भाजपा अपने महिला नेताओं को आगे करेगी। इस प्रयास में प्रदेश की कमान रूपा गांगूली को दी जा सकती है।
इसके अलावा इस सियासी संग्राम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की भूमिका भी अहम रहेगी। ममता के खिलाफ मुद्दा बनाने के प्रयास में रविवार को संपन्न प्रदर्शन का सफल नेतृत्व कर स्मृति ने इसकी झलक भी दिखा दी है।