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बीजेपी संसदीय बोर्ड से कटेगा दो का पत्ता

Tue, 19 Aug 2014 10:52 AM IST
Updated Tue, 19 Aug 2014 10:52 AM IST
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amit shah impact: two big leader out from bjp

भाजपा के संगठन पर कब्जे के बाद पार्टी की तीसरी पीढ़ी अब सर्वाधिक ताकतवर इकाई संसदीय बोर्ड पर भी दस्तक देगी। चुनावी टिकटों पर अंतिम फैसला करने वाली केंद्रीय चुनाव समिति में भी व्यापक फेरबदल के आसार बनते दिख रहे हैं। एक ओर जहां राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की टीम में अपने कई लोगों को महत्वपूर्ण पद दिलाने के बाद अब बोर्ड और चुनाव समिति में भी भागीदारी चाहता है, वहीं खुद शाह भी बोर्ड में कम से कम दो सदस्यों की छुट्टी करने के मूड में हैं।

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संघ का दिखेगा दबदबा

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संघ का भी मानना है कि नई पीढ़ी विकसित करने के लिए संसदीय बोर्ड की टीम में भी बदलाव की शुरुआत होनी चाहिए। यही कारण है कि नई टीम की घोषणा के बाद संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति पर गहन मंथन का दौर जारी है। माना जा रहा है कि बोर्ड से जहां केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार और थावर चंद गहलोत की छुट्टी हो सकती है, वहीं केंद्रीय चुनाव समिति में पुराने चेहरों की जगह कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।

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अमित शाह का निर्णय होगा अहम

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हाल ही में संघ से भाजपा भेजे गए राम माधव को शाह की नई टीम में महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। उधर सूत्रों का कहना है कि खुद अमित शाह भी संसदीय बोर्ड में महासचिव जेपी नड्डा को शामिल करने के इच्छुक हैं। मुश्किल यह है कि शाह के अध्यक्ष बनने के बाद 12 सदस्यीय बोर्ड से वैसे भी एक नेता की छुट्टी तय है। अगर नड्डा या राम माधव में से एक को बोर्ड में जगह देने का फैसला हुआ तो बोर्ड से दो नेताओं की छुट्टी होगी। ऐसे में अनंत कुमार के साथ-साथ सरकार का हिस्सा बने थावर चंद गहलोत पर भी गाज गिर सकती है।

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सुषमा-अरूण रहेंगी टीम में

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उधर शाह की 19 सदस्यीय चुनाव समिति में भी व्यापक फेरबदल की योजना है। हालांकि केंद्रीय मंत्री रहे गोपीनाथ मुंडे के निधन के बाद समिति का एक पद खाली है और इस खाली पद की भरपाई शाह से हो सकती है। मगर खुद शाह समिति में व्यापक बदलाव के इच्छुक हैं। माना जा रहा है कि पूर्व अध्यक्षों, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली और नड्डा को छोड़ कर किसी की जगह सुरक्षित नहीं है।

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