मोदी के 'सिपहसालार' शाह ने जवाब तो दिए, लेकिन कामचलाऊ!
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भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और गुजरात के पूर्व मंत्री अमित शाह इन दिनों उत्तर प्रदेश में डेरा जमाए हुए हैं। नरेंद्र मोदी ने गुजरात में वडोदरा के साथ-साथ वाराणसी को भी अपना लोकसभा क्षेत्र चुना है।
मंगलवार को अमित शाह वाराणसी में नरेंद्र मोदी के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन समारोह के लिए पहुंचे। लेकिन शहर के ली मेरेडियन होटल में उनके दाखिल होते ही हंगामा मच गया। भाजपा के कुछ कार्यकर्ता अमित शाह की एक झलक लेने आए थे तो देश-दुनिया के बड़े पत्रकार अमित शाह की शहर में पहली प्रेस वार्ता में पहुंचे थे।
हैरानी की बात यही रही कि अमित शाह ने किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि ख़ुद नरेंद्र मोदी अपने चुनाव क्षेत्र में जनता से मिलने कब पहुंचेगे, उनका जवाब था, "एक-दो दिन में इस बात का पता चल जाएगा।"
वाराणसी से चुनाव लड़ना गौरव की बात
जब अमित शाह से पूछा गया कि प्रदेश में भाजपा ने कई सीटों पर उम्मीदवार बदलने शुरू कर दिए हैं, तो क्या आगे भी ऐसा जारी रहेगा, उनका जवाब था, "फतेहपुर की सीट पर विचार चल रहा है, बाक़ी की सीटों पर नहीं"।
एक पत्रकार ने जब पूछा कि अख़बारों और मीडिया में ऐसी ख़बरें आ रहीं हैं कि भाजपा की कोशिश है कि वाराणसी से कोई मज़बूत उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ नहीं लड़े, तब भी अमित शाह ने जवाब देने से इनकार कर दिया।
लेकिन जब अमित शाह से सीधा सवाल पूछा गया कि आख़िर नरेंद्र मोदी अगर दोनों सीटों से जीत जाते हैं तो फिर कौन सी सीट छोड़ेंगे, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब यह कहकर टाल दिया, "मोदी जी के लिए काशी से चुनाव लड़ना ही अपने आप में गौरव की बात है, बाक़ी फ़ैसला चुनाव नतीजे आने के बाद लिया जाएगा।"
उन्होंने बार-बार इस बात पर ही ज़ोर दिया कि चाहे केजरीवाल हों या कोई और, सभी को मालूम है कि कि मोदी जी रिकॉर्ड अंतर से जीतने वाले हैं।
सभी को टिकट नहीं दिया जा सकता
मैंने ख़ुद उनसे सवाल पूछा कि भाजपा ने मनचाही सीट न मिलने पर सिर्फ़ जसवंत सिंह को निष्कासित किया है और कई ऐसे नेता अभी और हैं जो असंतुष्ट है कि उन्हें टिकट नहीं मिला। तो क्या अभी और नेताओं का निष्कासन बाक़ी है?
इस पर अमित शाह का जवाब था, "चुनावों के दौरान टिकट की एक लम्बी कतार होती है, सभी को टिकट नहीं दिया जा सकता। जहां जीतने की संभावना ज़्यादा होती है वहां उम्मीदवारी भी बढ़ती है। इस पर ज़्यादा महत्व न दें।"
बहरहाल प्रेस वार्ता के दौरान अमित शाह ने उन सवालों को भी ज़्यादा तरजीह नहीं दी, जिनमें उनसे पूछा गया था कि आख़िर मोदी जी वाराणसी के लिए क्या-क्या करने वाले हैं। इन सभी जवाबों के लिए उन्होंने समय मांगा और यही कहा कि प्रदेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरेगी।
लेकिन अमित शाह ने अपनी प्रेस वार्ता बड़े 'निराले' अंदाज़ में समाप्त की। उन्होंने कहा, "अब इसे ख़त्म करते हैं क्योंकि लगता है पत्रकार अब सवाल बना रहे हैं, पूछ नहीं रहे!"