अमित शाह ने लगाई भाजपाइयों की क्लास
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उत्तराखंड विधानसभा उपचुनाव में करारी हार से हुई फजीहत से पहले से ही नाराज बैठे भाजपा नेतृत्व को आधी अधूरी तैयारी के साथ समीक्षा बैठक में आए प्रदेश के नेताओं ने और नाराज कर दिया।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत को रिपोर्ट ठीक से तैयार न करने पर झाड़ लगाई तो पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक की भी एक नहीं सुनी।
निशंक की सफाई पेश करने के दौरान ही शाह ने उन्हें यह कह कर रोक दिया कि मुद्दे की बात यह है कि आप अपनी उस सीट को भी नहीं बचा पाए, जिस पर लोकसभा चुनाव में पार्टी को 23 हजार वोट की बढ़त हासिल थी।
उत्तराखंड भाजपा में हो सकता है बड़ा बदलाव
इस दौरान शाह ने राज्य में व्याप्त गुटबाजी पर एक -एक कर सभी नेताओं को झाड़ लगाई और दो टूक शब्दों में कहा कि सूबे में पार्टी को सभी मोर्चों पर नए सिरे से कवायद करने की जरूरत है।
हालांकि इस दौरान सूबे के नेताओं ने हार के लिए राज्य सरकार द्वारा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और मुख्यमंत्री हरीश चंद रावत की मार्मिक अपील को जिम्मेदार ठहराना चाहा। मगर पार्टी नेतृत्व ने सीधे-सीधे गुटबाजी और अति आत्मविश्वास को कारण बताया।
शाह के कड़े रुख को प्रदेश संगठन में आमूल चूल बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि शाह सूबे के नेताओं के साथ उपचुनाव की हार के लिए फिर से बैठक करेंगे। राज्य की तीन सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया।
शाह ने पूछा, बिना तैयारी के क्यों आए?
पार्टी के उच्च भरोसेमंद सूत्र के मुताबिक भाजपा मुख्यालय में समीक्षा बैठक के शुरू होते ही शाह ने रावत से सभी तीन सीटों का विस्तृत ब्यौरा मांगा। मगर विस्तृत रिपोर्ट के बिना बैठक में पहुंचे रावत ने इस दौरान हार जीत के अंतर के बारे में जानकारी देनी शुरू की।
विस्तृत ब्यौरा तैयार न किए जाने के कारण शाह बेहद नाराज हो गए और रावत से पूछा कि जब तैयारी नहीं थी तो समीक्षा बैठक में आए ही क्यों? इस दौरान सूबे के नेताओं ने शाह को रुद्रपुर में होने वाली प्रदेश कार्यकारिणी की 23 अगस्त से 25 अगस्त की तीन दिवसीय बैठक में समीक्षा का वादा किया।
दरअसल उपचुनाव के नतीजे आते ही प्रदेश के प्रभारी केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने अपनी रिपोर्ट में हार के कारणों के लिए गुटबाजी, अति आत्मविश्वास और घटिया रणनीति को जिम्मेदार ठहराया था। इस रिपोर्ट में कई नेताओं के प्रचार से दूरी बनाए रखने का भी जिक्र किया गया था।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व उपचुनाव में हार के लिए फिर से बैठक करने पर विचार कर रहा है। सोमवार की समीक्षा बैठक में राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद, प्रभारी, संगठन महासचिव रामलाल और राज्य के संगठन मंत्री संजय शामिल हुए।