'राहुल पिता बने, तो मिलेगा अगला अध्यक्ष'
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उत्तर प्रदेश में भाजपा का कामकाज देख रहे नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह का कहना है कि उनकी पार्टी पर वंशवाद का आरोप लगाना सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि किसी नेता के पुत्र को टिकट या पद देना वंशवाद नहीं है। वंशवाद तो वह है जो कांग्रेस करती है। कांग्रेस पर हमला बोलते वक्त उन्होंने ऐसी बात कही, जिससे कांग्रेस की त्योरियां चढ़नी स्वाभाविक हैं।
AAP से घबराई नहीं है भाजपा
शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी के संतान होने का सुखद समाचार आज मिले तो उसे कांग्रेस का अध्यक्ष मान लिया जाएगा।
भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के दाहिने हाथ माने जाने वाले शाह ने लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से भाजपा को नुकसान संबंधी सवाल पर कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी चुनाव लड़ने का अधिकार है।
‘आप’ अपना काम कर रही है और भाजपा अपना काम कर रही है। भाजपा न किसी घबराई और डरी है और न चिंतित। शाह ने उत्तर प्रदेश में सभी 80 सीटों पर पार्टी उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया।
मोदी यूपी से लड़ेंगे चुनाव?
एक सवाल पर कहा कि भ्रष्टाचारी व अपराधी चेहरों को टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह को टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड यह सब फैसले करता है। शाह गुरुवार को यहां भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
शाह से जब नरेन्द्र मोदी के उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया, ‘फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा।’ राहुल गांधी के खिलाफ दमदार उम्मीदवार उतारने के सवाल पर भी शाह ने यही जवाब दिया।
जीत के लिए आरएसएस पर ज्यादा भरोसा!
भाजपा महासचिव अमित शाह उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निर्भर कर रहे हैं। उन्हें बेअसर नेताओं के वर्चस्व वाली पार्टी मशीनरी से ज्यादा उम्मीदें आरएसएस से हैं।
यूं तो चुनावी दौर में संघ ने हमेशा से ही भाजपा के लिए सक्रिय और मददगार भूमिका अदा की है, लेकिन शाह ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए आरएसएस के 40 प्रतिनिधि खुद चुने हैं। उन्हें 40 लोकसभा सीटों पर कॉर्डिनेटर और केयरटेकर के रूप में नियुक्त किया गया है।
पैर छूने वालों को नहीं मिलेगा कुछ!
ये प्रतिनिधि चुनाव प्रचार का जिम्मा संभालने के अलावा भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल पर गौर करेंगे। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा असर के लिए संघ की अलग-अलग इकाइयों को सक्रिय बनाने की योजना है।
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की चुनावी जिम्मेदारियां संभालते ही साफ कर दिया था कि वह आरएसएस के काडर पर ज्यादा भरोसा करते हैं। शाह ने कहा, "जो लोग जमीनी स्तर पर काम करते हुए दिखेंगे, केवल उन्हें ज्यादा बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी। जो लोग दिन भर सीनियर के पैर छूने के लिए पार्टी कार्यालय में घूमते रहते हैं, उन्हें कुछ नहीं दिया जाएगा।"
2 मार्च को लखनऊ में मोदी की रैली
अमित शाह ने लखनऊ में तीन दिन के प्रवास के दौरान विभिन्न बैठकों के बारे में भी बताया। कहा कि लखनऊ में 2 मार्च को मोदी की रैली ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भाजपा पर भी वंशवाद का आरोप लगाते हैं। यह आरोप बेबुनियाद है।
भाजपा की कांग्रेस के वंशवाद से तुलना ही नहीं की जा सकती। किसी नेता का पुत्र अगर राजनीति में सक्रिय व सक्षम है तो उसे चुनाव लड़ने से महज इसलिए नहीं रोका जा सकता कि वह पार्टी के किसी नेता का पुत्र या परिवार का है। इसे वंशवाद भी नहीं कहना चाहिए।
मुजफ्फरनगर से जासूसी कांड पर भी बोले
शाह ने मुजफ्फरनगर मामले में पूछे सवाल पर कहा कि उनका वही मानना जो पार्टी के प्रदेश नेता मानते हैं। केवल धर्म के आधार पर मदद या उन पर से मुकदमें उठाना अनुचित है।
जासूसी प्रकरण संबंधी सवाल पर शाह ने कहा कि उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया है। उनकी जानकारी में तो अभी आयोग का गठन ही नहीं हुआ है।
सर्वे पर भरोसा नहीं करते शाह
आईएएस प्रदीप शर्मा की शिकायत मामले पर शाह ने जवाब दिया कि शिकायत पुलिस ने ले ली है। आगे वह जांच पड़ताल करेगी। जब उनसे यह सवाल हुआ कि चुनावी सर्वेक्षण ‘आप’ को बढ़त दिखा रहे हैं तो शाह ने कहा कि सर्वेक्षण तो गुजरात में भाजपा की पराजय की घोषणा कर रहे थे।
इसलिए सर्वेक्षणों का कोई मतलब नहीं है। ‘आप’ अपना चुनाव लड़ेगी और भाजपा अपना। इस सवाल पर कि संघ ने भाजपा से कहा है कि ‘आप’ को हल्के में न लें तो वह बोले कि यह बात आप लोगों से ही कही होगी।