फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   amidst euphoria, some voices question cost of mars mission

'गैरजरूरी और फिजूलखर्ची है मंगल मिशन'

Wed, 06 Nov 2013 01:03 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 06 Nov 2013 01:03 AM IST
विज्ञापन
amidst euphoria, some voices question cost of mars mission

मंगलयान की सफलता को लेकर मनाई जा रही खुशी के बीच इस मिशन पर 450 से 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाने को लेकर इसकी आलोचना भी की जा रही है।

विज्ञापन


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने कहा कि यह मिशन गरीबों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
विज्ञापन


तस्वीरों में:- आसमान पर छलांग, अब मंगल दूर नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि जिस भारत में 23 करोड़ लोग हर रात भूखे सोते हों, करोड़ों लोगों तक मौलिक सुविधाएं भी न हों, वहां के लिए यह मिशन गैरजरूरी और फिजूलखर्ची है। मंगल मिशन पर खर्च से पता चलता है कि गरीब लोगों के सम्मान को किस तरह से नजरअंदाज किया जाता है।"

इस मिशन की इसरो के पूर्व प्रमुख माधवन नायर भी आलोचना कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने कहा था कि मंगल पर आप मीथेन के बारे में पता लगाना भी चाहते हैं तो भी आप एक छोटे से सेंसर से इसका पता नहीं लगा सकते। नासा ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि मंगल पर जीवन के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद कुछ लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं... वे राष्ट्र को मूर्ख बना रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed