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फजीहत के बाद क्या इस्तीफा देंगे CBI निदेशक?

Fri, 21 Nov 2014 11:29 AM IST
Updated Fri, 21 Nov 2014 11:29 AM IST
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amid controversy CBI Director Not in the mood of resignation.

सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने कहा है कि वह टूजी मामले की जांच से हटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। इस फजीहत से बेपरवाह सिन्हा न तो इस्तीफे के मूड में हैं और न ही अपने 12 दिन के शेष बचे कार्यकाल के लिए छुट्टी पर जाने का मन बना रहे हैं।

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उधर, सरकार भी सिन्हा पर छुट्टी पर जाने या इस्तीफा देने का कोई दबाव नहीं बना रही। लेकिन मगर सीबीआई के सभी स्तर के अधिकारियों का मानना है कि देश की सबसे अहम जांच एजेंसी की छवि को बरकरार रखने के लिए निदेशक सिन्हा को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
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सिन्हा ने यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका नहीं दायर करेंगे। उधर, सरकार का मानना है कि 12 दिन के बचे कार्यकाल से पहले निदेशक को हटा कर खराब उदाहरण नहीं कायम किया जा सकता।
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सीबीआई महकमे में खलबली

amid controversy CBI Director Not in the mood of resignation.

सीबीआई निदेशक को किसी जांच से हटाने के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद देश की सबसे बड़ी जांच संस्था में खलबली मची हुई है। उच्च स्तर से निचले स्तर के सीबीआई के अधिकारियों का मानना है कि निदेशक रंजीत सिन्हा की छवि को गहरा आघात पहुंचाने वाले इस आदेश ने जांच एजेंसी की साख को भी तार-तार कर दिया है।

एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक सिन्हा के कार्यकाल में सीबीआई की छवि को गहरा धक्का पहुंचा है। वह सिन्हा से जुड़े मामलों के प्रति सरकार की उदासीनता को लेकर भी हैरान हैं।

अधिकारी ने कहा कि उस वक्त लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने सिन्हा की नियुक्ति का विरोध किया था। मगर अब सब चुप हैं।

सीबीआई का पूरा महकमा सिन्हा की गेस्ट डायरी वाले मामले में डीआईजी संतोष रस्तोगी को याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण का जासूस बताने पर भी नाराज है। हालांकि सिन्हा ने इस सवाल पर कहा कि उन्होंने कोर्ट को किसी अधिकारी का नाम लिखित तौर पर नहीं दिया है।

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