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अमेरिका को फर्क नहीं, मोदी पर कायम रहेगी पुरानी नीति
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Sat, 14 Sep 2013 07:31 PM IST
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नरेंद्र मोदी भाजपा की तरफ से भले ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित कर दिए गए हों पर इससे अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
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प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी प्रशासन ने साफ तौर पर कहा कि मोदी पर जारी वीजा पाबंदी को लकर उसकी नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है।
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हालांकि उसने कहा कि अगर मोदी वीजा के लिए आवेदन करते हैं तो उनका स्वागत है। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मैरी हर्फ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘लंबे समय से चल रही हमारी वीजा नीति में अभी तक कोई बदलाव नहीं आया है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी अगर वीजा के लिए आवेदन करते हैं तो उनका स्वागत है।
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जैसे हम सभी आवेदनों पर विचार करते हैं वैसे ही मोदी के आवेदन पर भी अमेरिकी कानूनों के तहत विचार किया जाएगा।’ साथ ही उन्होंने इस मसले पर किसी भी अटकलबाजी से इंकार किया।
भारत में मोदी को लेकर भले ही तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन हर्फ ने साफ किया कि अमेरिका भारत या किसी अन्य देश के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देता।
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत की आंतरिक राजनीति में शामिल नहीं है। अगर मोदी वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं और अन्य किसी आवेदनकर्ता की तरह आवेदन पर फैसले का इंतजार करें तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।
हर्फ ने कहा कि इस बारे में वह इतना कहने के लिए ही स्वतंत्र हैं। उनका इशारा साफ था कि मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना भाजपा का अपना फैसला है, और अमेरिका इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
2005 से जारी है वीजा पाबंदी
अमेरिका ने साल 2005 में मोदी को यह करते हुए वीजा देने से इंकार कर दिया था कि उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों में कथित तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन किया।
मोदी को न सिर्फ राजनयिक वीजा देने से इंकार किया गया था, बल्कि अमेरिकी कानूनों का हवाला देकर उनका मौजूदा व्यापार और पर्यटन वीजा भी रद्द कर दिया गया था।
ओवसरसीज फ्रेंड्स आफ बीजेपी ने मोदी को दी बधाई
अमेरिका में खुद को भारतीय जनता पार्टी की नीतियों का प्रचारक बताने वाली संस्था ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का पीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने पर नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि पूरा प्रवासी समाज इस घोषणा से काफी खुश है।