क्या है केजरीवाल का अमेरिका कनेक्शन?
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आम आदमी पार्टी (आप) पर अब चुनावों व राजनीतिक गतिविधियों में विदेशी एजेंसियों विशेषकर अमेरिका की सहायता लेने का आरोप लगा है।
आप पर विदेशी धन का प्रयोग का आरोप लगाने वाले याचिका ने नया आवेदन दायर कर तर्क रखा कि यह सरासर देशद्रोह का मामला है। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को किया तलब
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराज योग की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार को 29 जनवरी तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि याचिका में लगाए गए आरोप की क्या जांच की गई है।
याचिका ने तर्क रखा कि दिल्ली के आम चुनावों में विदेशों से आप पार्टी की सहायता की गई।
सवाल है कि क्या चुनाव और राजनीतिक प्रक्रिया में किसी विदेशी को हस्तक्षेप की इजाजत प्रदान की जा सकती है या नहीं। उन्होंने कहा पूरे विश्व में कोई भी देश अपने देश के चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप की इजाजत प्रदान नहीं करता।
देशद्रोह की श्रेणी में आता है अपराध!
याचिका अधिवक्ता एम.एल.शर्मा ने आरोप लगाया कि यह कृत्य देशद्रोह की श्रेणी में आता है। अत आप पार्टी व उसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ जांच कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।
उन्होंने कहा 13 नवंबर से 4 दिसंबर तक 4 हजार यूएस निवासियों ने 6 लाख फोन कर लोगों को आप का समर्थन करने को कहा। इसी प्रकार करीब तीन लाख एसएमएस किए गए। उन्होंने इनका कुल मूल्य 10 करोड़ आता है।
फर्जी नाम से लिया फंड!
उन्होंने आप का समर्थन अमेरिका की सीआईए एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से किया। समाचार पत्रों में भी छपा है कि साईबर टेक्नोलाजी से आप को सफलता मिली।
अधिवक्ता शर्मा ने कहा यह सरासर भारत की चुनाव प्रक्रिया में विदेशी एजेंसियों का हस्तक्षेप है जबकि इसे तथकथित एनआरआई का नाम दे दिया गया।
केंद्र सरकार दाखिल करे जवाब
अधिवक्ता एम.एल.शर्मा पहले ही विदेशी धन लेने के मामले में याचिका दायर कर चुके है और अदालत ने केंद्र सरकार को मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने याचिका में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, शांति भूषण उनके बेटे प्रशांत भूषण व फंड देने वाली विदेशी कंपनी फोर्ड फाउंडेशन के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था।