{"_id":"435d06df06b06411f5ec34b2d7cd6a9e","slug":"america-shoutdown-effect-on-mangal-mission","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिकी शटडाउन का मंगल मिशन पर असर नहीं","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अमेरिकी शटडाउन का मंगल मिशन पर असर नहीं
एजेंसी बंगलूरू।
Updated Sat, 05 Oct 2013 07:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसरो ने साफ कर दिया है कि अमेरिका में हुई सरकारी तालाबंदी का प्रभाव भारत के पहले मंगल मिशन पर नहीं पड़ेगा और मंगल यान मिशन (एमओएम) तय कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्तूबर को ही लांच किया जाएगा।
विज्ञापन
ऐसी चर्चाएं हैं कि नासा अमेरिका में तालाबंदी के चलते स्पेस नेटवर्क सपोर्ट देने में सक्षम नहीं है। मगर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस आशंका को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
इसरो के प्रवक्ता देवी प्रसाद कार्णिक ने कहा, ‘कार्यक्रम में किसी तरह की देरी नहीं हो रही है। हम अपने कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।’
इसरो इसलिए राहत महसूस कर रहा है क्योंकि नासा ने घोषणा की है कि वह मंगल ग्रह के वायुमंडल और उसके अस्थिर विकास को जानने के लिए अपने मिशन ‘मावेन’ को 18 नवंबर तक लांच करेगा।
विज्ञापन
इसका मतलब यह हुआ कि नासा को अंतरिक्ष यान को ट्रैक करने वाले एंटीना के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क डीएसएन को चालू रखना होगा।
भारत ने 28 अक्तूबर को एमओएम अंतरिक्ष यान को लांच करने की योजना बनाई है। यह लांच विंडो का पहला दिन है, जो 19 नवंबर तक खुला रहेगा।
लांच होने के बाद एमओएम करीब 20-25 दिन तक धरती के इर्द-गिर्द रहेगा और इसके बाद लाल ग्रह की नौ महीने की यात्रा पर चला जाएगा।
इसरो अधिकारी के मुताबिक हमें शुरुआती दिनों में नासा के डीएसएन की मदद की जरूरत नहीं है। लांच के बाद छोटे एंटीना भी ट्रैक कर सकते हैं, लेकिन जब यह धरती से काफी दूर चला जाएगा, उस समय हमें मदद की जरूरत होगी।