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नौकरानी पर अमेरिका मेहरबान, 24 घंटे में मिला वीजा

Thu, 19 Dec 2013 08:56 AM IST
हिमांशु मिश्र/नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र/नई दिल्ली Updated Thu, 19 Dec 2013 08:56 AM IST
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America gave visa in just 24 hour

खास लोगों को भी वीजा देने में नाकों चने चबवा देने वाले अमेरिका की संगीता रिचर्ड के पति और दो बच्चों को आनन फानन वीजा देने की प्रक्रिया हैरान कर देने वाली है।

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अमेरिकी दूतावास ने इनकी वीजा प्रक्रिया महज 24 घंटे में निपटा दी। और जैसे ही रिचर्ड परिवार के न्यूयार्क पहुंचते के 48 घंटे बाद ही भारतीय महिला राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को वीजा धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
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जिस प्रकार संगीता के पति की वीजा प्रक्रिया निपटाई गई उससे भारत हैरान है और इसे महिला राजनयिक के खिलाफ गहरी साजिश के सूत्र के रूप में देख रहा है।

अपमान गिरफ्तारी से आहत भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह राजनयिक को आरोपमुक्त करने की शर्त से पीछे नहीं हटने वाला।

पहले अमेरिका पर जवाबी और सख्त कूटनीतिक हमले के बाद महिला राजनयिक को संयुक्त राष्ट्र के स्थाई मिशन से जोड़ कर भारत ने मामला का जल्द निपटारा न होने पर और कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
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इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद का लहजा भी काफी सख्त है। देवयानी की गिरफ्तारी से पहले के घटनाक्रम से भारत स्तब्ध है।

खासतौर पर राजनयिक की गिरफ्तारी से ठीक दो दिन पूर्व नौकरानी संगीता के पति और दो बच्चों को आननफानन वीजा उपलब्ध कराने को भारत देवयानी के खिलाफ साजिश की एक बड़ी कड़ी के रूप में देख रहा है।

गौरतलब है कि गिरफ्तारी से ठीक दो दिन पूर्व इन्हें महज 24 घंटे में वीजा उपलब्ध करा दिया गया। नौकरानी के पति अपने बच्चों के साथ 10 दिसंबर को न्यूयार्क रवाना हुआ और इसके 48 घंटे बाद देवयानी को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार करने से पहले अमेरिका ने बिएना समझौते का खुला उल्लंघन किया। न तो दूतावास को समन भेजा न ही राजदूत को घटना से अवगत कराया। इससे पहले फरार नौकरानी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट होने के बावजूद उसे ढूंढने में मदद नहीं की।

भारत फिलहाल इस घटना के विरोध में उठाए गए अपने कदमों पर अमेरिका के रुख के इंतजार कर रहा है। भारत की ओर से संकेत साफ है कि वह राजनयिक को आरोपमुक्त किए जाने से कम पर कुछ भी स्वीकार नहीं करेगा।


राजनयिक को दोबारा गिरफ्तारी से बचाने के लिए भारत ने उसे पूर्ण राजनयिक का दर्जा भी उपलब्ध करा दिया है। माना जा रहा है कि ऐसा अमेरिका के खिलाफ कुछ और सख्त निर्णय करने से पहले की तैयारी है।

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