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'बाबा साहब ने कभी देश छोड़ने की बात नहीं कही'

Thu, 26 Nov 2015 01:54 PM IST
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:54 PM IST
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ambedkar never want to quit india says rajnath singh

गुरुवार को संसद का शीतकालीन सत्र संविधान पर चर्चा के साथ शुरू हुआ। बाबा भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को मनाते हुए संसद में संविधान को लेकर चर्चा शुरू हुई।

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दिवंगत लोकसभा सदस्यों को याद करने के बाद शुरू हुई इस बहस में सरकार की तरफ से राजनाथ सिंह ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने देश को छोड़ने की बात कभी नहीं की।
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उन्होंने हमेशा ही देश जोड़ने वाली बात कही। हालांकि उनके साथ दुर्भाग्य से अपमानजनक बातें हुईं, तब भी वह भारत में ही रहे और उसे बेहतर बनाने की कोशिश की। ऐसा माना जा रहा है बातों ही बातों में उन्होंने आमिर के बयान का अपने तरीके से संकेतों में जवाब दिया।
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इस बीच राजनाथ सिंह ने संविधान में प्रयोग किए गए सोशलिस्ट और सेकुलर शब्दों की जरूरत पर भी बात की। संविधान की मूल भावना में इन शब्दों को जगह देने को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच गर्मागर्म बहस भी हुई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के इन शब्दों के इस्तेमाल को लेकर बयान देने शुरु करते ही कांग्रेस की तरफ से हंगामा शुरू हो गया।

सेकुलर शब्द की हुई व्याख्या

ambedkar never want to quit india says rajnath singh

सेकुलर शब्द की व्याख्या करते हुए राजनाथ ‌सिंह ने कहा‌ कि सेकुलर शब्द का उपयोग बाबा साहब ने जानबूझ कर ‌किया। आज के राजनीतिक माहौल में इस शब्द का सबसे ज्यादा दुरुपयोग हुआ है।

कांग्रेस नेता मल्लिका अर्जुन खड़गे ने कहा कि बाबा साहब संविधान में इसलिए इन शब्दों को उस समय नहीं डाल सके थे क्यों कि देश में उस समय वैसा माहौल नहीं था। इसलिए बाद में इन शब्दों को संविधान संशोधन करके डालना पड़ा।

इसके जवाब में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ‌कि बाबा साहब यदि इन शब्दों के साथ सहमत होते तो निश्चित ही संविधान में इसका उल्लेख करते। चूंकि वह इन शब्दों के साथ सहमत नहीं थे इसलिए उन्होंने इन शब्दों का प्रयोग संविधान में नहीं किया। इसके पहले दिवंगत संसद सदस्‍यों को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संविधान दिवस पर भाषण दिया।

संविधान पर चर्चा के बाद संसद में गुरुवार को असहिष्‍णुता को लेकर चर्चा होनी है। कांग्रेस ने इस बहस को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया हुआ है, जिसे लोकसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार्य कर लिया गया है।

चर्चा पर अपना पक्ष रखते हुए कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने कहा कि इन दिनों देश का माहौल इस तरह का है कि संविधान पर खतरा सा महसूस होने लगा है। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि संविधान में जो शब्द रखे गए थे वह सभी सोच-समझ कर रखे गए हैं।

कांग्रेस की तारीफ करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के अनुशासन का ही कमाल था कि संविधान सभा को प्रस्तुत कर सकी। यह बात संसद में भुला दी जाती है कि अंबेडकर की क्षमता को पहचानते हुए कांग्रेस उन्हें संविधान सभा में लेकर आई थी।

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