छात्रों के विरोध के बीच आरके पचौरी छुट्टी पर गए
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महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न का मुकदमा झेल रहे टेरी के कार्यकारी उपाध्यक्ष आरके पचौरी की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच खबर आ रही है कि टेरी के चांसलर आरके पचौरी छुट्टी पर चले गए हैं। वह 7 मार्च को होने वाले विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे।
दरअसल, आरके पचौरी पर लगातार गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस सबके बीच द एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (टेरी) के 20 छात्रों ने उनसे डिग्री लेने से इंकार कर दिया। हाल ही अपना कोर्स खत्म कर चुके इन छात्रों ने 7 मार्च को टेरी विश्वविद्यालय में होने वाले दीक्षांत समारोह में पचौरी से डिग्री नहीं लेने का फैसला किया था।
टेरी विश्वविद्यालय के एमएससी, एमटेक, एमए और एमबीए कोर्स से जुड़े रहे इन छात्रों ने कार्यकारी वाइस चांसलर राजीव सेठ को पत्र भेज कर अपने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने पत्र में लिखा कि हम ये साफ करना चाहते हैं कि इस बार के दीक्षांत समारोह में हम पचौरी से अपनी डिग्री नहीं लेंगे। छात्रों ने अपने पत्र की कॉपी विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट बोर्ड और एकेडमिक काउंसिल को भी भेजी है।
RK Pachauri goes on leave as TERI Chancellor, won't attend March 7 convocation https://t.co/4C77TGUA8h @KhurafatiChopra
— The Indian Express (@IndianExpress) February 11, 2016
फिलहाल छात्रों के इस फैसले के बीच खबर है कि आरके पचौरी छुट्टी पर चले गए हैं। उन्होंने दीक्षांत समारोह में हिस्सा नहीं लेने का भी फैसला लिया है।
पचौरी पर एक और महिला ने लगाए गंभीर आरोप
महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न का मुकदमा झेल रहे टेरी के कार्यकारी उपाध्यक्ष आरके पचौरी की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। टेरी की अब एक और पूर्व महिला कर्मचारी ने पचौरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
महिला ने दस साल पहले पचौरी के हाथों हुए यौन उत्पीड़न का ब्योरा दिया है। साथ ही उसने पचौरी को कार्यकारी उपाध्यक्ष का ऊंचा पद देने के लिए टेरी की भी आलोचना की है। महिला की वकील वृंदा ग्रोवर ने अपने मुवक्किल के साथ यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले का ब्योरा देते हुए कहा है कि इस संबंध में उन्होंने पिछले साल फरवरी में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अब बाध्य होकर उन्हें सार्वजनिक तौर पर अपनी बात कहनी पड़ी।
टेरी में पचौरी को कार्यकारी उपाध्यक्ष बनाने के मामले में महिला ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में भारतीय का दयनीय रिकार्ड और रसातल में चला गया है। एक आदतन यौन उत्पीड़क को सजा देने के बजाय और ऊंचा पद देकर पुरस्कृत किया गया है।
टीवी इंटरव्यू में महिला ने किया खुलासा
महिला ने कहा है कि टेरी में काम की शुरुआत करते ही पचौरी ने उन्हें अश्लील नाम से बुलाना शुरू कर दिया था। ग्रोवर ने कहा कि उनकी मुवक्किल पहले से चल रहे एक महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गवाह के तौर पर पेश होना चाहती हैं और महिला कर्मचारियों के प्रति पचौरी के ‘आचरण और चरित्र’ की बानगी पेश करना चाहती हैं।
एक न्यूज चैनल को फोन पर दिए इंटरव्यू में महिला ने कहा कि पचौरी वर्क असाइनमेंट के बहाने बार-बार उसे अपने दफ्तर में बुलाते थे। लेकिन पचौरी जिस काम का जिक्र करते वह वहां नहीं होता था।
पचौरी के इस बार-बार बुलावे से वह बेहद असहज महसूस करती थीं। इससे वह इन मुलाकातों से बचने की कोशिश करती थीं और अपने बदले सहयोगियों को भेज देती थीं।
पचौरी के वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि उन्होंने इस शिकायत की प्रति नहीं देखी है इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। गौरतलब है कि पचौरी पहले ही टेरी की एक महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न का मुकदमा झेल रहे हैं।