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यूपी में सक्रिय हैं लादेन के 'दोस्त संगठन'

Sat, 06 Sep 2014 12:46 PM IST
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मुरादाबाद
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Sat, 06 Sep 2014 12:46 PM IST
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alqaieda 'friends group' are active in UP.

अलकायदा की धमकी से सरकार से लेकर खुफिया एजेंसियों तक में खलबली है। दरअसल देश में पहले से सक्रिय तमाम आतंकी संगठन अलकायदा के दोस्त रहे हैं।

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माना जा रहा है कि अलकायदा पांव पसारने के लिए पुराने आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसी स्थिति में वह पुराने संगठनों के घुसपैठियों को अपना नाम देकर भी काम करा सकता है।
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आईबी के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर एसपी सिंह ने खास बातचीत में यह संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि लश्करे तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों का संपर्क यूपी के बीस से अधिक जिलों में रहा है।
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अमेरिका के ट्विन टावर कांड के बाद से तमाम आतंकी संगठनों ने अलकायदा को अपना आदर्श मानना शुरू कर दिया था। भारत में सक्रिय अधिकांश दहशतगर्दों में अलकायदा के सपोर्टर थे। भले ही अलकायदा का यहां अपना कोई नेटवर्क नहीं था लेकिन फिर भी लादेन के इशारे पर संगठन एक दूसरे की मदद करते रहते थे।

आतंकी नेटवर्क पर अलकायदा की नजर

alqaieda 'friends group' are active in UP.

आईबी के असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुके एसपी सिंह का कहना है कि वर्ष 2005 तक उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, अलीगढ़, लखनऊ और आजमगढ़ समेत करीब बीस जनपदों में अलकायदा के दोस्त माने जाने वाले आतंकी संगठनों का जबरदस्त नेटवर्क रहा है।

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से दहशतगर्दों की गिरफ्तारी भी होती रही है। हथियार बरामद हुए। हवाला के जरिए पैसे पहुंचने की भी पुष्टि हुई थी। रिटायर असिस्टेंट डायरेक्टर का कहना है कि ऐसी स्थितियों में अलकायदा को अपना नेटवर्क बनाने में कोई खास मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी।

इन्हीं आतंकी संगठनों के नेटवर्क को अलकायदा अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के बाद जो छोटे आतंकी संगठन खामोश हो गए थे उन्हें भी यह आतंकी संगठन दोबारा से सक्रिय करा सकता है।

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