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गडकरी पर सिंचाई घोटाला दबाने का आरोप
मुंबई/एजेंसी
Updated Thu, 27 Sep 2012 09:26 AM IST
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इंडिया अगेंस्ट करप्शन की सदस्य अंजलि दमानिया ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पार्टी के एक अध्यक्ष ने सिंचाई घोटाले को दबाने की कोशिश की थी। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। लेकिन उनका इशारा भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की ओर था। लेकिन भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
वहीं, अरविंद केजरीवाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का इस्तीफा स्वीकार करने के साथ-साथ राज्य के जल संसाधन मंत्री सुनील तटकरे को बर्खास्त करने की भी अपील की है। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर इस घोटाले को उजागर करने वाले सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर विजय पंढारे को परेशान किया गया, तो वह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा, ‘इस समय चव्हाण की असली परीक्षा है। भले ही कांग्रेस आलाकमान से दबाव हो, फिर भी चव्हाण को अजीत पवार का इस्तीफा स्वीकार कर इस परीक्षा में पास होना चाहिए। इसके अलावा सिंचाई घोटाले में नाम आने के बाद जल संसाधन मंत्री तटकरे को भी इस्तीफा देना चाहिए।’
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तटकरे भी एनसीपी के ही विधायक हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस्तीफे को सजा के बराबर नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वह इस्तीफा देकर दबाव बनाना चाहते हैं। वह देश के लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस्तीफा देना कोई सजा नहीं है।’ केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सीबीआई और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो सरकार के नियंत्रण में है।
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वहीं, अरविंद केजरीवाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का इस्तीफा स्वीकार करने के साथ-साथ राज्य के जल संसाधन मंत्री सुनील तटकरे को बर्खास्त करने की भी अपील की है। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर इस घोटाले को उजागर करने वाले सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर विजय पंढारे को परेशान किया गया, तो वह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा, ‘इस समय चव्हाण की असली परीक्षा है। भले ही कांग्रेस आलाकमान से दबाव हो, फिर भी चव्हाण को अजीत पवार का इस्तीफा स्वीकार कर इस परीक्षा में पास होना चाहिए। इसके अलावा सिंचाई घोटाले में नाम आने के बाद जल संसाधन मंत्री तटकरे को भी इस्तीफा देना चाहिए।’
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तटकरे भी एनसीपी के ही विधायक हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस्तीफे को सजा के बराबर नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वह इस्तीफा देकर दबाव बनाना चाहते हैं। वह देश के लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस्तीफा देना कोई सजा नहीं है।’ केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सीबीआई और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो सरकार के नियंत्रण में है।