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नोएडा भूमि घोटाले की जांच सीबीआई करेगी

Thu, 08 Nov 2012 11:15 PM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Thu, 08 Nov 2012 11:15 PM IST
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allahabad hc orders transfer of noida chairman and ceo over irregularities in land allotment

भ्रष्टाचार पर अदालत का फिर डंडा चला और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण दो शीर्ष अफसरों के खिलाफ आदेश जारी कर दिया है।

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हाईकोर्ट ने नोएडा में 2001 से लेकर अब तक किए भूमि आवंटन के मामलों की जांच सीबीआई को सुपुर्द करते हुए प्राधिकरण के चेयरमैन राकेश बहादुर और सीईओ संजीव शरण को हटाकर कहीं और तैनात करने का निर्देश दिया है।
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साथ ही यह भी साफ किया कि दोनों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तैनात न किया जाएगा। हाईकोर्ट ने माधव समाज निर्माण समिति की जनहित याचिका पर सीबीआई को निर्देश दिया कि वह छह माह में प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करे।
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ये आदेश जनहित याचिका की सुनवाई कर रही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अमिताव लाला और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ ने जारी किए। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों आरोपी अधिकारियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तैनात किया जाता है तो वे जांच प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए उनकी तैनाती कहीं और की जाए।

कोर्ट ने सीबीआई को यह छूट दी है कि यदि किसी कारण से छह माह में जांच पूरी न हो पाए तो अदालत अवधि बढ़ाने पर विचार करेगी। इससे पहले न्यायालय को बताया गया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय जांच चल रही है। इसके बावजूद इनको नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन और सीईओ पद पर तैनात किया गया है। इसका लाभ उठाकर ये लोग अपने विरुद्ध साक्ष्य मिटा रहे हैं।


जनहित याचिका में कहा गया था कि दोनों अधिकारियों पर होटल उद्योग को भूमि आवंटित करने में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप हैं।  इन्हीं आरोपों के कारण इनको पद से हटाया गया था। प्रदेश में सपा सरकार आने के बाद उनको दोबारा उसी पद पर तैनात कर दिया गया। अधिवक्ता रेनू सिंह ने भी प्रार्थनापत्र देकर 2001 से अबतक हुए भूमि आवंटन की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। दोनों आरोपी अधिकारी भी इसी अवधि के दौरान नोएडा में तैनात थे।

होटलों को कौड़ियों के भाव बांटी करोड़ों की जमीन
यूपी के सबसे समृद्ध शहर नोएडा में कुछ खास लोगों को बेशकीमती जमीन 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर होटल बनाने के लिए कौड़ियों के भाव दे दी गई। 2006-07 में  नोएडा में हुए होटल प्लाट आवंटन घोटाले में यूपी सरकार को 4700 करोड़ का चूना लगाए जाने का आरोप है। नोएडा में उस वक्त 169000 रुपये प्रति भाव वाली वर्गमीटर की जमीन महज 7400 रुपए प्रति वर्गमीटर के हिसाब से खास लोगों को मनमाने तरीके से दी गई।

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