फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   allahabad chief justice raised question on the appointment of new lokayukta in uttar pradesh

लोकायुक्त की नियुक्ति पर चीफ जस्टिस ने उठाए सवाल

Thu, 17 Dec 2015 05:10 PM IST
Updated Thu, 17 Dec 2015 05:10 PM IST
विज्ञापन
allahabad chief justice raised question on the appointment of new lokayukta in uttar pradesh

उत्तर प्रदेश के नए लोकायुक्त की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में आ गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने नए लोकायुक्त की नियुक्ति पर सवाल उठाया है। एबीपी न्यूज के मुताबिक, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा है कि लोकायुक्त पद के लिए जिन पांच व्यक्तियों का नाम भेजा गया था, उनमें वीरेंद्र सिंह का नाम शामिल नहीं था।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश का लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था। सर्वोच्च अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को लोकायुक्त नियुक्त करने का आदेश दिया था। लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई, जिससे खफा होकर सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति का आदेश खुद ही दे दिया।
विज्ञापन


हालांकि वीरेंद्र सिंह को भी समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है। लोकायुक्त पद के लिए वीरेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश सरकार की पहली पसंद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

स‌िब्बल ने की थी यूपी सरकार की पैरव्‍वी

allahabad chief justice raised question on the appointment of new lokayukta in uttar pradesh

सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ में शामिल जस्टिस रंजन गोगई और जस्टिस एनवी रमण की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से लोकायुक्त के लिए प्रस्तावित पांच नामों की सूची मांगी ‌थी और बुधवार को इनमें से एक जज वीरेंद्र सिंह को लोकायुक्त नियुक्त कर दिया।

सर्वोच्च अदालत ने अपने इस ऐतिहासिक निर्णय में कहा है कि अदालत के आदेशों के बावजूद राज्य के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों ने इस काम को अंजाम नहीं दिया। संवैधानिक पद पर बैठे लोगों का कृत्य बेहद दुखद और चौंकाने वाला है।

उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त की नियुक्ति में मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और राज्यपाल की भूमिका होती है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने  उत्तर प्रदेश सरकार को 16 दिसंबर तक नए लोकायुक्त नियुक्त करने के लिए कहा था। लोकायुक्त की नियुक्ति के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई ‌थी। मामले में उत्तर प्रदेश की ओर से कपिल सिब्‍बल ने पैरव्वी की थी। स‌िब्बल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed