काशी में बवाल के बाद सभी स्कूल कॉलेज आज बंद
गोदौलिया पर हुए बवाल को देखते हुए वाराणसी के सभी स्कूल-कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूल और कालेज को मंगलवार के लिए बंद किया गया है।
पुलिस और प्रशासन ने समझदारी का परिचय दिया और शहर का अमनचैन बिगड़ने से बच गया। पुलिस के जवानों ने काफी धैर्य दिखाया। एक दरोगा को पीटा गया और उसकी रिवाल्वर छीन ली गई। बावजूद इसके पुलिस ने जवाबी कार्रवाई नहीं की।
उधर, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। जनता को किसी भी प्रकार की सूचना देनी हो तो पुलिस कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 100 नंबर पर दे सकता है। इन सूचनाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोकर्ण ने बताया कि प्रशासन ने सोशल मीडिया, वेबसाइट, वॉट्स एप और फेसबुक की निगरानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए किसी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की नरमी पड़ी भारी
पुलिस और प्रशासन की नरमी सोमवार को उस पर ही भारी पड़ गई। संतों ने बातचीत के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकालने का वादा किया था। पुलिस ने भी इसे ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां की थीं लेकिन शांति बाधित करने के अपने मंसूबे में उपद्रवी तत्व कामयाब हो गए।
कहा जा रहा था कि भीड़ को जुटने का मौका न दिया गया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती। पिछले दिनों गोदौलिया चौराहे पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद में भी प्रशासन ने यह गलती दोहराई थी। प्रशासन के लोग भी दबी जुबान से इस चूक को स्वीकार कर रहे हैं। अन्याय प्रतिकार यात्रा टाउन हाल से निकलते समय बीस हजार से ज्यादा लोग पहुंच चुके थे।
पुलिस ने दशाश्वमेध तक रास्ता खाली करा दिया था। कहा जा रहा है कि यहीं चूक हुई। भीड़ को अगर एकजुट होने का मौका न दिया गया होता तो शायद इतना बवाल न हुआ होता। सोमवार की शाम गोदौलिया पर बवाल के दौरान कई पुलिसकर्मी भी अफसरों को कोसते नजर आए। उनका साफ कहना था कि भीड़ को जुटने का मौका दिया जाना प्रशासन की रणनीतिक चूक थी।