फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   all party meeting on anti rape bill inconclusive

सेक्स की उम्र 16 पर नहीं बन पाई सहमति

Mon, 18 Mar 2013 03:17 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 18 Mar 2013 03:17 PM IST
विज्ञापन
all party meeting on anti rape bill inconclusive

महिलाओं के खिलाफ अपराध पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्तावित एंटी रेप बिल पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही है। दो दौर की बैठक होने के बावजूद राजनीतिक दलों के बीच सहमति से सेक्स की उम्र 18 से घटाकर 16 किए जाने पर मतभेद रहे।

विज्ञापन


बसपा, सपा और अन्य दलों ने सेक्स की उम्र सीमा 16 साल किए जाने का कड़ा विरोध किया। हालांकि कुछ राजनीतिक दलों का कहना था कि शादी से पहले सेक्स आज की सच्चाई है। ऐसे में सेक्स की उम्र सीमा 16 की जानी चाहिए। वहीं कुछ दलों ने कानून के दुरुपयोग को लेकर अपनी चिंताएं जताई।
विज्ञापन


16 की उम्र में सेक्सः हंगामा क्यों है बरपा
विज्ञापन
विज्ञापन


संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने कानून के दुरुपयोग को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की है। ऐसे सभी सुझावों पर सरकार गौर से विचार करेगी।

उल्लेखनीय है कि यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने खुले तौर पर बिल के इस प्रावधान का विरोध किया है। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा प्रस्तावित बिल को पारित कराना चाहती है, लेकिन उसे भी सहमति से सेक्स की उम्र घटाने पर आपत्ति है।

महिला सुरक्षा बिल में क्या है?
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून बनाने के इरादे से तैयार किए गए क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट बिल में यौन उत्पीड़न के बदले रेप शब्द के इस्तेमाल का प्रावधान है। सहमति से सेक्स संबंध बनाने की उम्र 18 से घटाकर 16 साल करने का प्रावधान है।

महिला या लड़की का पीछा करना गैर जमानती अपराध है और निजी पलों में ताक-झांक को भी नए कानून में गैरजमानती अपराध माना गया है। राजनीतिक दलों का सबसे बड़ा एतराज सहमति से सेक्स संबंध बनाने की उम्र 18 से 16 करने पर है।

सहमति से संबंध पर विवाद क्या है?

मौजूदा कानून के मुताबिक अगर किसी लड़की की उम्र 16 साल से कम हो तो उससे सहमति या बगैर सहमति के यौन संबंध बनाने को बलात्कार माना जाएगा।

इस प्रावधान को बदलकर सहमति से यौन संबंध की उम्र 18 साल किए जाने का प्रस्ताव क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट बिल 2012 में किया गया था जो संसद में 4 दिसंबर 2012 को पेश किया गया था लेकिन वो बिल पास नहीं हो पाया।

16 दिसंबर को दिल्ली में गैंगरेप की वारदात ने पूरे देश में एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून की वकालत शुरू कर दी। कड़े कानून के लिए अध्यादेश तैयार किया गया और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट अध्यादेश को 3 फरवरी 2013 को लागू किया गया जिसमें सहमति से यौन संबंध की उम्र 16 से बढ़ाकर 18 कर दी गई।


अध्यादेश को बिल की शक्ल में संसद से पास कराना जरूरी है, लेकिन अध्यादेश में उम्र सीमा बढ़ाने पर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट बिल 2013 के ड्राफ्ट में सहमति से सेक्स की उम्र सीमा को घटाकर फिर से 16 साल किया गया है।

विरोध के बावजूद बिल का ड्राफ्ट आखिरकार कैबिनेट से पास हो ही गया। अब इस बिल पर सभी दलों की बैठक में चर्चा होगी। अगर सहमति बनी तो इसे आज ही सरकार राज्य सभा में पेश कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed