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सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के खिलाफ एकजुट हुए नेता

Tue, 13 Aug 2013 09:04 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 13 Aug 2013 09:04 PM IST
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all party meet backs government on move to overturn supreme court verdict

दागी नेताओं को बचाने के लिए नेता सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ एकजुट हो गए हैं।

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मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने दागी नेताओं से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर सख्त ऐतराज जताते हुए एकसुर में रास्ता निकालने पर सहमति जता दी है। नेताओं को राहत दिलाने के लिए सरकार कानून में भी संशोधन करेगी।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जेल जाने वाले नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी जबकि दो साल से ज्यादा सजा होने पर सांसद व विधायक की सदस्यता खत्म करने का फैसला सुनाया था।
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मंगलवार को बैठक में रखे गए मुद्दों में यही दो मुख्य तौर पर प्रमुख रहे। जेल जाने पर चुनाव लड़ने से रोकने संबंधित फैसले पर सभी दलों ने एकसुर में कानून में संशोधन की बात कही।
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लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने तो यहां तक कह दिया कि एक ओर तो हम हत्या के आरोपी विदेशी नौसैनिकों को मतदान करने के लिए इटली भेज सकते हैं, लेकिन दूसरी ओर अपने नागरिकों को एक दिन की हिरासत या जेल होने पर मतदान व चुनाव से रोकना उचित नहीं है। यह नागरिक अधिकारों का हनन है।

सजा होने पर सदस्यता रद्द होने के मुद्दे पर कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने सदस्यता बनी रहे, लेकिन उसे मतदान का अधिकार न रहे जैसे विकल्प सुझाए।

भाजपा ने इस मामले में जल्दबाजी न करने और संसदीय समिति को सौंपने की बात कही। बीजू जनता दल, टीडीपी, माकपा भी इस बात से सहमत दिखे। लेकिन सपा, बसपा, डीएमके, जदयू इसके पक्ष में नहीं दिखे।

अन्य मुद्दे पर जिन पर हुई चर्चा
एम्स में उच्च पदों पर आरक्षण को लेकर अदालत में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के सरकार के फैसले पर विपक्ष ने भी सहमति जता दी। राहत नहीं मिलने पर कानून में संशोधन करने पर विचार किया जाएगा।


न्यायिक आयोग के गठन से संबंधित मुद्दे पर भाजपा, माकपा, अन्ना द्रमुक आदि दलों ने इस मसले को संसदीय स्थायी समिति को सौंपने की बात कही। लेकिन सरकार ने पहले ही इस मामले पर बहुत देर होने की बात कही।

बैठक में संसद को सुचारु रूप से चलाने का मुद्दा भी उठाया गया। भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि सरकार पहले संसद की कार्यवाही चलाने की कोशिश करे।

जबकि भाजपा ने साफ किया कि वह तेलंगाना मामले पर लगातार हंगामा कर रहे टीडीपी सदस्यों के निलंबन के सख्त खिलाफ है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का तोड़ निकालने की जुगत:-
--जेल जाने पर चुनाव लड़ने से रोक हटाने को कानून में संशोधन के सुझाव।
--माननीयों की सदस्यता को बचाने को कानून मंत्री ने सुझाए कई विकल्प, भाजपा ने मामला संसदीय समिति को सौंपने की कही बात।

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