पुरुषों के खिलाफ मेनका गांधी के बयान पर हंगामा
महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सोमवार को पुरुषों के खिलाफ विवादित बयान दिया। मेनका ने फेसबुक पर आम जनता से मुखातिब होने के पहले दिन ही एक सवाल के जवाब में कहा कि पुरुष सभी तरह की हिंसा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि लैंगिक संवेदनशीलता जगाने में पुरुषों की भूमिका निर्णायक है क्योंकि सभी हिंसा पुरुषों की पैदा की हुई है।
उनके इस बयान के ट्विटर और फेसबुक पर वायरल होते ही लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया भी आने लगी। ज्यादातर लोगों ने मेनका के इस बयान की आलोचना की।
वहीं बयान के जवाब में महिलाओं के जरिये हिंसा और अपराध के मामलों की लंबी फेहरिस्त को भी लिखा जाने लगा। मंत्री ने कहा कि ज्यादातर महिलाओं को यह समझाया जाता है कि पुरुष अभिमानी, स्वार्थी और हावी रहने की मानसिकता से लैस होते हैं।
फेसबुक पर दिया विवादित बयान
वहीं महिलाएं असुरक्षित, संवेदनशील और डरी सहमी होती हैं। अगर दोनों के एक समान देखा जाए और हावी होने की मानसिकता को छोड़ दिया जाए तो इससे समाज को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता के लिए शिक्षा पर जोर देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय की ओर से विद्यालयों में ‘जेंडर चैंपियन’ कार्यक्रम को शुरू किया गया है। इनमें उन लड़कों को इनाम दिया जाएगा जो लड़कियों की मदद करेंगे और उन्हें सम्मान देंगे।
हालांकि इस दौरान उनसे राजनीति समेत बाल श्रम, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, पशुओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर भी सवाल किये गये। लेकिन ज्यादातर सवालों के जवाब में उन्होंने चुप्पी साध रखी थी।