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यूपी का है अल कायदा का नया सरगना!

Sat, 04 Oct 2014 08:21 AM IST
Updated Sat, 04 Oct 2014 08:21 AM IST
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al-qaeda chief in region may be of indian origin.

भारतीय खुफिया एजेंसिसों के पैर के नीचे से जमीन तब खिसक गई जब उन्हें पता चला कि अल कायदा के भारतीय उपमहाद्घीप यूनिट का प्रमुख मौलाना आसिम उमर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

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खुफिया एजेंसियों का अभी तक मानना था कि मौलाना आसिम उमर पाकिस्तान का रहने वाला है। खुफिया एजेंसियों को यह भी पता चला है कि आसिम उमर देवबंद के दारुल-उल-उलूम मदसे में पढ़ चुका हो।
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इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो 1990 के दशक में इस्लामी मूवमेंट में शामिल लोगों से पूछताछ कर रही हैं, जिससे ऐसे भारतीयों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके जो बाहर चले गए हों।
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खुफिया एजेंसियों का बढ़ा शक

al-qaeda chief in region may be of indian origin.

खुफिया विभाग के मुताबिक अभी जांच एजेसियां सिमी के पूर्व सदस्यों से इस बारे में पूछताछ कर रही हैं। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अभी हम पक्के तौर पर तो नहीं कह सकते, पर जो भी जानकारी अभी तक हमने जुटाई है, हमें लग रहा है कि मौलाना उमर भारतीय मूल का हो सकता है, शायद एक भारतीय ही हो।

खुफिया एजेंसियों को इस बात से ज्यादा शक बढ़ गया है कि उमर कभी भी बगैर डिजिटल मास्क के सामने नहीं आता है। आखिर वो ऐसा क्यों करता है? इसके पीछे क्या प्रमुख वजह है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के आंतकवादी और जेहादी अपना चेहरा दिखाने में नहीं हिचकिचाते है।

देवबंद मदरसे के प्रवक्ता मौलाना अशरफ उस्मानी ने बताया कि तस्वीरों या उसके यहां होने की निश्चित समयावधि के बिना हम न तो कबूल कर सकते हैं साथ ही न इनकार कर सकते हैं कि मौलाना उमर यहां पढ़ चुका है कि नहीं।

उसकी किताबें की जाती हैं पसंद

al-qaeda chief in region may be of indian origin.

उन्होंने कहा कि यहां हजारों लड़के पढ़ते हैं और हर साल निकलते हैं। कई बार हमारे पास उन छात्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं होती जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।

अशरफ उस्मानी ने बताया कि जोर देकर कहना चाहूंगा कि दारूल उल उलूम देवबंद दहशतगर्दी के किसी भी चेहरे की खिलाफत करता है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उमर 1990 में पाकिस्तान गया और वहां कराची के जामिया उल उलूम में दाखिला लिया था। इस जामिया उल उलूम से पाकिस्तान के कई बड़े जिहादी नेता निकले।

इनमें जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर और हरकत-उल-मुजाहिदिन चीफ फज्ल उल रहमान खलील जैसे नाम शामिल हैं। मौलाना आसिम उमर ने कई ऐसी किताबें लिखी हैं। उसकी किताबें पाकिस्तान के इस्लामी अतिवादियों के बीच बहुत पसंद की जाती हैं।

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