अखिलेश ने निभाई 'कमाल' की दोस्ती
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ प्रचार में आगे है जबकि सपा विकास कराने में विश्वास रखती है। प्रचार का गुब्बारा फूटते ही मोदी की हवा निकल जाएगी।
सपा सरकार की उपलब्धियां जनता के सामने रखते हुए कांग्रेस और बसपा पर भी उन्होंने जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में कोई अंतर नहीं कांग्रेस ने महंगाई का झटका दिया और पड़ोसी मुल्कों से संबंध खराब किए।
शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमरोहा, संभल और बदायूं में चुनावी सभा में को संबोधित किया।
गुजरात के मोदी मॉडल पर हमला
उन्होंने कहा कि मोदी गुजरात मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं जिसे यहां की जनता नकार देगी। उन्होंने अपनी योजनाओं का जिक्र छेड़ते हुए कहा कि दो साल में सपा ने पंद्रह लाख लैपटॉप बांट दिए मोदी पंद्रह साल में बांट नहीं पाएंगे। बेरोजगारी भत्ता, हमारी बेटी उसका कल, कन्या विद्याधन आदि योजनाओं के जरिये लाखों को लाभ मिला है लेकिन दूसरे लोग सिर्फ बातें बना रहे हैं।
उन्होंने महिला आरक्षण की बात कहते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस महिलाओं को आरक्षण की वकालत करती हैं जबकि सपा ने सबसे अधिक महिलाओं को टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में दंगा नहीं हुआ बल्कि दो वर्गों का संघर्ष था जिसे वक्त रहते कंट्रोल कर लिया गया था। बसपा सरकार में बनाए गए स्मारकों पर कटाक्ष किया तो किसानों को बकाया भुगतान का दावा किया।
संभल की जनसभा में उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 40 सीटें दिलाकर मुलायम सिंह को रक्षा मंत्री बनवाया था इस बार उससे अधिक सीटें दिलाकर प्रधानमंत्री बनवा दो। उधर, बदायूं लोकसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव के समर्थन में सभाओं को संबोधित किया।
दोस्त के खातिर तीन जनसभाएं
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यमंत्री कमाल अख्तर से जो दोस्ती निभाई है उसका असर दिख रहा है। अमरोहा लोकसभा सीट से कमाल अख्तर की बेगम हुमैरा अख्तर मैदान में हैं। सूबे के मुख्यमंत्री लगभग हर लोकसभा क्षेत्र में एक या दो जनसभाएं कर रहे हैं लेकिन कमाल की खातिर अमरोहा में मुख्यमंत्री की तीन जनसभाएं होंगी। पहली जनसभा गढ़मुक्तेश्वर में हो चुकी है अब तीसरी रविवार को हसनपुर में होगी।
कमाल अख्तर पर नेता जी पहले से ही मेहरबान रहे हैं। दिल्ली में जामिया कालेज में छात्र संघ अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्हें युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और फिर राज्यसभा सदस्य बनाने के बाद 2012 के चुनाव में पहली बार जीतने के बाद ही मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया।
2014 के लोकसभा चुनाव में कमाल की बेगम हुमैरा को लोकसभा का टिकट ही नहीं दिया बल्कि प्रचार के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तीन जनसभाएं लगाई गईं। मुलायम खुद भी 10 अप्रैल को आ रहे हैं। प्रदेश की अस्सी लोकसभा सीटों में से अमरोहा इसीलिए खास है। अमरोहा लोकसभा सीट पर सत्ता की मेहरबानी इसलिए भी है कि पांचों विधान सभा सीटें गढ़ मुक्तेश्वर, हसनपुर, मंडी धनौरा, नौगावां सादात और अमरोहा सपा विधायकों के ही पास हैं।