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दिल्ली में ही लगा अखिलेश का आम दरबार
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Sat, 25 May 2013 12:27 AM IST
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दिल्ली-एनसीआर के लोगों और नेताओं को अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लखनऊ के चक्कर शायद ही काटने पड़ेंगे।
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दरअसल, सीएम ने अब दिल्ली में आम दरबार का आयोजन कर एनसीआर में यूपी के लोगों और नेताओं की समस्याओं को सुनने और इसका हल दिल्ली में ही निकालने का नया तरीका खोज निकाला है।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्री मुंबई से दिल्ली पहुंचे और सिर्फ तीन घंटे रहे। मगर इसमें से उन्होंने लगभग दो घंटे लोगों और नेताओं की समस्याओं को सुनने में लगा दिया।
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खास बात यह रही कि इस मौके पर उन्होंने गाजियाबाद पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को भी तलब कर जिले में बिल्डर के पूरे परिवार की हत्या के मामले की जांच प्रक्रिया के बारे में भी कडे़ सवाल किए।
मुख्यमंत्री के करीबियों ने बताया कि अखिलेश अपना सूचना नेटवर्क बेहद पुख्ता रखते हैं। जिससे वह हर घंटे का सदुपयोग करते हैं।
मुख्यमंत्री पिछले कुछ समय से जब भी दिल्ली आते हैं तो एक दिन पहले ही एनसीआर के नेताओं को इसकी सूचना दे दी जाती है। साथ ही इन नेताओं को अपने इलाके से जरूरतमंद लोगों को लाने के लिए भी कहा जाता है, जिन्हें मुख्यमंत्री से कुछ न कुछ काम होता है।
कई बार मुख्यमंत्री फोन पर ही संबंधित अधिकारी से बात करते हैं तो कई बार पहले से ही गाजियाबाद, नोएडा समेत एनसीआर के अधिकारियों को दिल्ली तलब कर लिया जाता है।
पहले यह बैठक छोटे स्तर पर होती थी। मगर इसकी लोकप्रियता बढ़ गई और बड़ी तादाद में नेता और जनता सीएम के दरबार में पहुंचने लगे। इसलिए इसका स्थान पंडारा रोड निवास से बदलकर अब यूपी सदन के कांफ्रेंस हॉल में कर दिया गया है।
अपने दरबार के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दिल्ली आते हैं तो लोगों को बुला लेते है। लोगों की समस्याएं सुलझ जाती है। उन्हें लखनऊ नहीं आना पड़ता। शुक्रवार को भी काफी तादाद में नेता और लोग थे।
गाजियाबाद के शीर्ष पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। सीएम ने उनसे जिले में हुई बिल्डर और उसके परिवार की हत्या के बारे में सवाल जवाब किए। सीएम ने सवाल पूछे कि कातिल क्या एक ही हैं या और भी है। जांच प्रक्रिया में कितनी सच्चाई है।