सिर्फ 6 महीने में अखिलेश ने मोदी को लिखे 66 पत्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सिर्फ 6 महीनों में ही 66 पत्र लिखे हैं। यह सभी पत्र राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट और कामों के तेज विकास को लेकर लिखे गए हैं।
ये पत्र बुन्देलखंड पैकेज, राज्य के पावर प्लांट के लिए कोयला भंडारण और केन्द्र के पैकेज में राज्य के हिस्से के मुद्दों को लेकर लिखे गए हैं। केन्द्र की तरफ से कुछ मुद्दों पर उत्तर भी दिए गए हैं।
इन पत्रों के माध्यम से अखिलेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अक्सर यह याद दिलाते रहते हैं कि एनडीए सरकार में 73 सांसद उत्तर प्रदेश से हैं, जहां पैसा और प्रोजेक्ट लाकर उन्हें इसके विकास के बारे में सोचना चाहिए।
मोदी जी भी इसी राज्य से हैं
अखिलेश यादव ने अपने एक पत्र में लिखा है, "लेकिन सांसद लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन में व्यस्त हैं और माहौल को खराब कर रहे हैं। मैं विकास की बात कर रहा हूं। वे दंगे, लव जिहाद और धर्म परिवर्तन भेज रहे हैं। क्या उत्तर प्रदेश ने 73 सांसद इसलिए दिए हैं?"
अखिलेश यादव ने अपने इन पत्रों में जंगल, बिजली, सड़क, महिला सशक्तिकरण, खेती और अन्य सामाजिक मुद्दों पर केन्द्र सरकार से मदद की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्यों को पूरा सहयोग देने की बात कही है। मोदी जी खुद भी इसी राज्य से हैं और उनके ऊपर इसकी अधिक जिम्मेदारी है। वे बोले कि केन्द्र सरकार जानबूझकर राज्य के विकास की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।