गंगा के लिए अखिलेश ने मांगी केंद्र सरकार से मदद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी कानपुर की ओर से इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित इंडिया वाटर इंपैक्ट समिट-2012 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रमुख शहर, औद्योगिक क्षेत्र, चीनी मिलें आदि गंगा नदी के किनारे स्थित हैं। जिनके सीवरेज और कचरे से गंगा का प्रदूषण बढ़ा है।
टेनरीज प्रदूषण से गंगा को बचाने के लिए केंद्र सरकार की लेदर क्लस्टर योजना को प्रदेश में लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के पास यमुना नदी है, लेकिन उसके आगे वह भी गंदी है। वहां भी सीवरेज और औद्योगिक कचरे को नदी में छोड़े जाने से प्रदूषण हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा में अगर चंबल का पानी यमुना में न मिले तो यमुना सूखी नजर आएगी। समिट में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी उपस्थित थे।