फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   akhilesh govt dangerous for up says varun gandhi

'अखिलेश सरकार यूपी की जनता के लिए खतरा'

Sat, 12 Jul 2014 05:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Sat, 12 Jul 2014 05:58 PM IST
विज्ञापन
akhilesh govt dangerous for up says varun gandhi

सुल्तानपुर के सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री वरुण गांधी शुक्रवार को कांठ बवाल में जेल में बंद भाजपाइयों से मिलने पहुंचे। करीब आधा घंटा जेल में भाजपा कार्यकर्ताओं का दर्द सुनने के बाद बाहर आए वरुण ने कहा कि सपा की सरकार प्रदेश की पब्लिक के लिए खतरा बन चुकी है। एक वर्ग को कुचलने की साजिशें रची जा रही हैं। कांठ में जो हुआ उससे लोगों में आक्रोश है और इससे जनक्रांति जन्म लेगी जिसमें जलकर सपा राख हो जाएगी। वरुण ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए जुल्मों की रिपोट गृहमंत्री को देकर मांग करेंगे कि यूपी के सीएम को तलब करें।

विज्ञापन


भाजपा सांसद वरुण गांधी शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे दिल्ली से चलकर मुरादाबाद पहुंचे। मझोला थाने के सामने महानगर अध्यक्ष रितेश गुप्ता के नेतृत्व में खड़े भाजपाइयों ने वरुण का स्वागत किया। इसके बाद वरुण जेल पहुंचे और कार्यकर्ताओं के हुजूम व हंगामे के बीच जेल में दाखिल हुए। वरुण ने जेल में करीब चालीस मिनट तक भाजपा कार्यकर्ताओं से कांठ के वाकये की विस्तार से जानकारी ली। जेल से बाहर आते ही वरुण गांधी प्रदेश की सपा सरकार पर बरस पड़े। बोले, कहां का कानून है कि मस्जिद पर लाउडस्पीकर बजेगा और धर्मस्थल के ताले तोड़कर लाउडस्पीकर उतार दिया जाएगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अकबरपुर चैदरी और कांठ में जो हुआ वो लोकतांत्रिक व्यवस्था को शर्मसार करता है। शांतिपर्ण ढंग से महापंचायत में शरीक होने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को थाने में जूते चप्पलों से पीटा गया। कार्यकर्ताओं के मुंह पर नाम पूछ पूछकर चप्पलें मारी गईं। वरुण ने चेताया कि हिंदुस्तान में दो कानून नहीं चलेंगे। पब्लिक में गुस्सा है और इससे उपजी जनक्रांति सपा के वजूद को मिटा देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

संसद में गूंजा कांठ बवाल और लाउडस्पीकर

akhilesh govt dangerous for up says varun gandhi

अकबपुर चैदरी के धर्मस्थल से जबरन लाउडस्पीकर उतारने, दलित महिलाओं पर लाठीचार्ज और लॉकअप में भाजपाइयों के पुलिस टार्चर का मुद्दा शुक्रवार को संसद में गूंजा। रामपुर सांसद डा. नैपाल सिंह ने इस मुद्दे को विशेषाधिकार हनन के तहत उठाया। जिसका सदन में मौजूद संभल सांसद सत्यपाल सैनी समेत करीब 25 भाजपा सांसदों ने समर्थन किया। सांसदों ने यूपी सरकार पर धर्म के आधार पर नागरिकों में पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं।

संभल सांसद और रामपुर सांसद ने शून्यकाल में यह मामला उठाने के लिए विशेषाधिकार हनन के तहत सवाल लगाया था। स्पीकर ने शाम सवा छह बजे सांसदों को मुद्दा उठाने की अनुमति दी। जिसके बाद डा. नैपाल सिंह ने कहा कि कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी में सत्ता के इशारे पर एकमात्र धर्मस्थल के ताले तोड़कर मुरादाबाद के पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने जबरन लाउडस्पीकर उतारा। विरोध में आई दलित महिलाओं को बेरहमी से पीटा गया। जबकि इसी गांव में प्रशासन ने तीन मस्जिदें बनवा दी हैं और हरेक पर चार-चार लाउडस्पीकर भी लगवा दिए हैं। जिससे जनता में आक्रोश था और महापंचायत कॉल की गई थी। रामपुर सांसद ने कहा कि वह संभल सांसद के साथ जब इस महापंचायत में जा रहे थे तो भीकनपुर के पास पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने संविधान में प्रदत्त उनके मौलिक अधिकारों और संसद द्वारा दिए गए विशेषाधिकारों का हनन करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मुरादाबाद ले जाकर शाम तक एक टीन शैड में हिरासत में रखा। लिहाजा अफसरों को विशेषाधिकार हनन में दंडित किया जाए।

रामपुर और संभल सांसद ने कहा कि चार जुलाई की रात को कांठ थाने की हवालात में भाजपा के 62 बेगुनाह कार्यकर्ताओं को जूते चप्पलों से पीटा गया। पूर्व मंत्री गुलाबो देवी को रात बारह बजे तक अवैध हिरासत में रखकर उनसे बदसलूकी की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं को पहले से हवालात में होने के बावजूद बवाल में शामिल दर्शाकर संगीन दफाओं में जेल में ठूंस दिया गया। कहा, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की घटनाएं अनेकों स्थानों पर हो रही हैं जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। मुरादाबाद एसएसपी के राजनीतिक बयान का मुद्दा भी संसद में गूंजा। सपा की ओर से बदायूं सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा के आरोपों को नकारा।

'अमन में आग लगाना चाहती है भाजपा'

akhilesh govt dangerous for up says varun gandhi

भाजपा अमन में आग लगाना चाहती है। कांठ का बवाल भी भाजपा की ही देन है। लेकिन यहां की अमन पसंद जनता ने इनके मंसूबों को विफल कर दिया है। सपा नेताओं ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करके भाजपा नेताओं पर खूब आरोप लगाए। कहा कि अब कांठ के हालात सामान्य हैं। इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट सपा मुखिया को भेजी जा रही है।

समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि अब कांठ के हालात सामान्य हो रहे हैं। अकबपुर चैदरी में जो लाउडस्पीकर का विवाद चल रहा है उसका हल भी एक दो दिन में निकाल लिया जाएगा। सपा नेताओं ने दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद की शांति को किसी भी स्थिति में नहीं बिगड़ने दिया जाएगा।

यहां सपा नेताओं ने कहा कि मुरादाबाद की जनता ने बता दिया कि वह अमन चाहते हैं। इस दौरान संगठन की मजबूती के लिए भी प्लानिंग की गई। यहां महानगर अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही सपा की कमेटी घोषित कर दी जाएगी। कमेटी में सक्रिय लोगों को स्थान दिया जाएगा। सक्रिय सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। 15 जुलाई से अभियान की शुरूआत होगी। इस दौरान शहर विधायक हाजी यूसुफ अंसारी, पूर्व अध्यक्ष शुऐब हसन पाशा, धर्मेंद्र यादव, डा. सोमवीर यादव, श्याम खन्ना और वासु गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

अब प्रशासन बना रहा अपनी ‘इंटेलीजेंस’

akhilesh govt dangerous for up says varun gandhi

कांठ बवाल के बाद प्रशासन अपनी इंटेलीजेंस तैयार कर रहा है। लेखपाल, वीडीओ, नलकूप चालक, सींचपाल, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और आशाओं को विभागीय कामकाज के साथ ही खुफिया सूचनाएं इकट्ठा करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बेहतर काम करने वालों को पुरस्कार देने की भी व्यवस्था है।

मुरादाबाद का खुफिया तंत्र बुरी तरह से फेल हो गया है। एक लाउडस्पीकर के विवाद में कांठ जल गया मगर इन लोगों को कानों कान खबर नहीं हुई। लिहाजा अब प्रशासन ने अपना खुफिया तंत्र बनाने का फैसला किया है। इसकी पहल जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल द्वारा कर दी गई है। ग्रामीण इलाकों से जुड़े रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को बाकायदा इसकी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। डीएम ने साफ कर दिया है कि अगर किसी को कोई खुफिया सूचना मिलती है तो वह उनसे बता सकते हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम स्तर पर तमाम सरकारी कर्मचारी तैनात रहते हैं। इन लोगों से गांव की कोई सूचना छुप नहीं सकती। जरूरत थोड़ा सा ध्यान देने की है। अगर कहीं दो वर्गों में तनाव है या फिर किसी मामले को लेकर दो पक्षों में टकराव की स्थिति बन रही है तो तत्काल अधिकारियों को बताया जाए। उनके द्वारा बताई जाने वाली हर छोटी से छोटी सूचना को भी प्रशासन गंभीरता के साथ लेगा। तत्काल अधिकारियों को मौके पर भेजा जाएगा। एक सरकारी रजिस्टर भी तैयार हो रहा है जिसमें गांव वार चलने वाले विवादों का लेखा जोखा रहेगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हर सप्ताह इस रजिस्टर को चेक किया करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed