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खराब कानून व्यवस्था के सवालों पर घिरे अखिलेश

Sat, 07 Sep 2013 12:55 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 07 Sep 2013 12:55 AM IST
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akhilesh faced the question of law and order in up

उत्तर प्रदेश के देश का अगला आईटी हब बनने की दिशा में खराब कानून व्यवस्था ही सबसे बड़ा रोड़ा बनकर सामने खड़ी है। नोएडा में नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज यानी नैसकॉम के मुख्यालय के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने कुछ इस तरह की बातें सामने आई।

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हालांकि मुख्यमंत्री ने आईटी उद्योगपतियों को भरोसा दिया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए आधुनिक तकनीक की सहायता से बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही बिजली सेवा में भी सुधार किया जा रहा है। वहीं खराब कानून व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश की छवि धूमिल करने के लिए उन्होंने मीडिया की भी मेहरबानी बताई।
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अखिलेश शुक्रवार को नोएडा में बनने वाले नैसकॉम मुख्यालय की इमारत का शिलान्यास करने आए थे। नैसकॉम के पूर्व अध्यक्ष सौरभ श्रीवास्तव और रेलीगेयर प्रमुख मानवेंद्र सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि सुरक्षा का मसला प्रमुख है।
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कुछ इलाकों में कई कई किलोमीटरों तक कोई पुलिस स्टेशन और चौकी नहीं है। जब करीब तीन हजार आईटी विशेषज्ञ नोएडा में काम करेंगे तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पर भी ध्यान देना होगा। साथ ही बिजली की समस्या को लेकर भी कई उद्योगपतियों ने चिंता जताई।

वहीं नैसकॉम के मौजूदा अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि अभी नोएडा में 600 से ज्यादा आईटी कंपनियों के दफ्तर और कैंपस है और प्रदेश सरकार के सहयोग के चलते इस संख्या को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में कैबिनेट ने हाल में बड़े कदम उठाए हैं। घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करने के लिए एक प्रणाली तैयार की गई है। सीसीटीवी और जीपीआरएस तकनीक से लैस वाहन पुलिस को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चार शहरों से इसकी शुरुआत हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिजली की समस्या इतनी ज्यादा नहीं है। इसे और सुधारने का काम चल रहा है।

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