फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   akhilesh administration active to give compensation to farmers.

लाठी-गोली के बाद जागा अखिलेश का प्रशासन

Mon, 03 Nov 2014 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा Updated Mon, 03 Nov 2014 12:36 PM IST
विज्ञापन
akhilesh administration active to give compensation to farmers.

16 साल पुराने किसानों के दर्द का अब जिला प्रशासन रातोंरात इलाज करने जा रहा है। गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों को आम सहमति से मुआवजा देने की तैयारी है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। एसडीएम सदर और एसडीएम महावन प्रक्रिया को अंजाम देने में जुट गए हैं।

विज्ञापन


गोकुल बैराज के जल में समाई भूमि का मुआवजा पाने के लिए 16 साल से भटक रहे किसानों को अब जल्द ही जमीन की कीमत हाथ लगने जा रही है। शनिवार को किसानों के धरने के दौरान फायरिंग और आगजनी के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने समस्या के समाधान की नई तरकीब निकाल ली है। रविवार को दिनभर एसडीएम सदर राजेश कुमार और एसडीएम महावन विश्वभूषण मिश्र किसानों के द्वार खटखटाते रहे। दिनभर चली इस प्रक्रिया में किसानों को करारनामे के तहत मुआवजा हासिल करने के लिए सहमत किया जा रहा है। किसानों का रुख भी सकारात्मक है।
विज्ञापन


इससे उम्मीद लग रही है कि जमीन अधिग्रहण की विधिक कार्रवाई को पूरा करने से पहले ही किसानों को मुआवजा राशि थमा दी जाएगी। इसके लिए किसान और प्रशासन के बीच अधिकृत करार होगा। गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों की संख्या 942 है, जो आठ राजस्व गांवों से संबंधित हैं। इन गांवों की यमुना से सटी 248.75 हेक्टेयर भूमि जल में समा गई। जिला प्रशासन के पास किसानों को मुआवजा के रूप में देने के लिए 91,82,39,394 रुपये मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएम राजेश कुमार का कहना है कि ये किसानों का आंदोलन नहीं था। कुछ उपद्रवी लोगों ने इसे अंजाम दिया। अब पूरी तरह से शांति है। जिला प्रशासन किसानों की समस्या को लेकर पहले से ही गंभीर है। इसके लिए उन्होंने इस घटना से पहले ही शासन के समक्ष प्रस्ताव भेज दिया था, जिसकी अनुमति भी मिल चुकी है।

उपद्रवियों पर लगेगा रासुका

akhilesh administration active to give compensation to farmers.

मुआवजे को लेकर शनिवार को गोकुल बैराज पर हुए बवाल के बाद पुलिस कार्रवाई के डर से किसान घरों से पलायन कर गए हैं। इस मामले को तूल देते हुए भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने आसपास के जिलों में मुख्यमंत्री के पुतले फूंके। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मथुरा पहुंचा और घायल, जेल गए किसानों, भाजपा कार्यकर्ताओं से मिला। जेल गेट पर भी हंगामा किया।

उधर, सपा इस मामले में पुलिस प्रशासन के पक्ष में उतर आई है और भाजपा सांसद निरंजन ज्योति व भाजपा कार्यकर्ताओं पर किसान को उकसाकर बलवा कराने का आरोप लगाया। इस बीच पुलिस ने गिरफ्तार दस आरोपियों को रविवार सुबह जेल भेज दिया। गिरफ्तार बलवाइयों पर रासुका लगाने की तैयारी है।

मथुरा के एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि गोकुल बैराज पर हुए बवाल, आगजनी और बैराज के कंट्रोल रूम में तोड़ फोड़ करने, पुलिस फायरिंग क रने के आरोप में पकड़े गए लोगों पर रासुका तामील कराई जाएगी। नामजद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें बना दी गई हैं और 400-500 अज्ञात लोगों की पहचान वीडियोग्राफी से कराई जा रही है। वीडियोग्राफी में उपद्रव में सामने आ रहे किसानों व भाजयुमो लोगों के चेहरों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ हवाई फायर भी किए थे और कितने राउंड फायर करने पड़े इसका अभी आकलन किया जा रहा है।

भाजपाइयों ने किया हंगामा

akhilesh administration active to give compensation to farmers.

गिरफ्तार कर जेल भेजे गए लोगों में भाजयुमो नेता कुंवर सिंह निषाद, लक्ष्मणदास, विनोद चौधरी, चंकी चौधरी, हेमंत कुमार, मनोज, भोपाल, रामरतन, किशोर तथा रोहन सिंह शामिल हैं। पुलिस कार्रवाई के डर से डूब क्षेत्र के औरंगाबाद, मादापुर, रावल, मुरादमपुर दामोदरपुरा आदि गांवों से अधिकांश पुरुष पलायन कर गए हैं।

रविवार को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह तोमर मथुरा पहुंचे। जिला कार्यालय पर बैठक कर स्थानीय भाजपा नेताओं से किसानों के साथ मिलकर संघर्ष करने की रणनीति बनाई। दोनों नेताओं ने कहा कि इस दमनात्मक कार्रवाई का जनता खुद जवाब देगी। बैठक के बाद भाजपा नेता सीधे जेल गेट पर पहुंचे। यहां गिरफ्तार किसानों और भाजयुमो पदाधिकारियों के हथकड़ी लगाकर लाने पर हंगामा किया। सीओ सिटी से भाजपा नेताओं की तीखी झड़प हुई। भाजपा ने डूब क्षेत्र के गांवों में भी गए।

गौरतलब है कि शनिवार को गोकुल बैराज के डूब क्षेत्र के किसानों के आंदोलन में भाजपा नेता भी पहुंचे थे और मुआवजे की मांग को लेकर गोकुल बैराज रोड पर जाम लगाया था। 3:30 घंटे तक लगे जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया था। इसके बाद किसानों और पुलिस में संघर्ष हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed