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एंटनी को थी हेलीकॉप्टर के ऊंचे दाम पर आपत्ति

Sat, 16 Feb 2013 05:30 PM IST
नई दिल्ली/गुंजन कुमार
नई दिल्ली/गुंजन कुमार Updated Sat, 16 Feb 2013 05:30 PM IST
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ak antony objected high cost of helicopter

एके एंटनी ने 26 अक्तूबर, 2006 को रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर के ऊंचे दाम पर आपत्ति जताई थी। लेकिन रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी दस्तावेज के मुताबिक वीवीआईपी के लिए हेलीकॉप्टर की खरीदारी का फैसला उनके मंत्री पद संभालने के एक महीना पहले यानी सितंबर 2006 तक लिया जा चुका था। उस दौरान रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी थे।

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मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक 2008 की शुरुआत में अगस्ता वेस्टलैंड के साथ तीन अन्य हेलीकॉप्टरों का फील्ड टेस्ट किया गया। इसमें वायुसेना, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) को भी शामिल किया गया।
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हालांकि इस टीम ने अगस्ता वेस्टलैंड के हर लिहाज से उच्च कोटि के होने की वजह से उसी के नाम पर ही अपनी सहमति जताई। लेकिन उसके करीब 300 करोड़ रुपये के दाम को लेकर एंटनी फिर भी सहमत नहीं थे। सूत्रों की मानें तो 2009 की शुरुआत तक वित्त मंत्रालय ने भी इस फाइल को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
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यह पी चिदंबरम का कार्यकाल था। लेकिन 26/11 के मुंबई हमले के बाद चिदंबरम को गृह मंत्रालय भेज उनकी जगह प्रणब मुखर्जी को जनवरी 2009 में वित्त मंत्री बनाया गया। इसके बाद इस मामले में एक बार फिर तेजी आई। करीब एक साल की बातचीत के बाद 18 जनवरी 2010 को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने इस सौदे को रही झंडी दे दी।


आखिर कैसे पूछताछ कर पाएगी सीबीआई
हेलीकॉप्टर घूसकांड की जांच कर रही सीबीआई के सामने मुसीबत यह है कि इस फैसले में जो लोग शामिल थे, उनसे एजेंसी पूछताछ नहीं कर सकती। प्रणब मुखर्जी अब राष्ट्रपति के पद पर हैं। उस वक्त के एनएसए एमके नारायणन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं। पूर्व एनएसजी प्रमुख बीवी वांग्चू गोवा के तो पूर्व रक्षा सचिव शेखर दत्त छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बन चुके हैं।

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