पूर्व आईबी प्रमुख डोवाल बनेंगे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार!
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देश की शीर्ष नौकरशाही ने भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर शुरुआती दिशानिर्देश लेने की अनौपचारिक शुरुआत कर दी है। सोमवार को कैबिनेट सचिव अजीत सेठ और गृहसचिव अनिल गोस्वामी ने मोदी से गुजरात भवन में मुलाकात की।
माना जा रहा है कि नई सरकार की कैबिनेट के शपथ ग्रहण की तैयारियों से लेकर अहम नीतिगत पहलुओं पर सेठ और मोदी के बीच बातचीत हुई। वहीं गोस्वामी ने आंतरिक सुरक्षा के विभिन्न मसलों पर मोदी को जानकारी दी।
इंडियन मुजाहिद्दीन पर भी हुई चर्चा
उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक एक योजना यह है कि गृहमंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग को सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के तहत कर दिया जाए। सूत्रों ने बताया कि गोस्वामी ने मोदी को जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्व के राज्यों और नक्सल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जानकारी दी।
गृहसचिव ने मोदी को अपने तैयार किए गए रोड मैप की जानकारी भी दी है। आधे घंटे की इस मुलाकात में आतंकवाद और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संदर्भ में भी बातें हुई।
पूर्व आईबी चीफ रह चुके हैं डोवाल
खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख अजीत डोवाल ने भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें देश के सामने सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के बारे में जानकारी दी।
कीर्ति चक्र से सम्मानित होने वाले पहले पुलिस अधिकारी 69 वर्षीय डोवाल ने मोदी को देश के अंदर और बाहर के खतरों के बारे में बताया। डोवाल ने कहा कि उन्हें मिलने के लिए बुलाया गया था और उन्होंने मोदी को स्थिति के बारे में बता दिया।
डोवाल ने की राजनाथ से मुलाकात
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन नामक एक गैर सरकारी संस्था चलाने वाले डोवाल के नाम की चर्चा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनने वाली केंद्र सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने को लेकर है।
वर्ष 1968 बैच के आईपीएस डोवाल की पहचान भारतीय खुफिया के एक जाने माने अधिकारी के तौर है। उन्होंने 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड में भारत की ओर से आतंकवादियों के साथ बातचीत की थी।