दिग्गज खुफिया अधिकारी डोभाल बने नए 'एनएसए'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जानेमाने पुलिस अधिकारी और खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया है।
आधिकारिक आदेश के मुताबिक डोभाल का कार्यकाल प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल या फिर अगले आदेश तक के लिए होगा। इस पद के लिए डोभाल के नाम की चर्चा मोदी के पीएम पद की शपथ लेने से पहले से चल रही थी।
कीर्ति चक्र से सम्मानित होने वाले पहले पुलिस अधिकारी डोभाल देश की सुरक्षा को बाहरी और भीतरी खतरे के बारे में गहरी जानकारी रखते हैं। वर्ष 1968 बैच के केरल कैडर के आईपीएस अधिकारी डोभाल को खुफिया क्षेत्र का बेहतरीन अधिकारी माना जाता है।
कंधार विमान अपहरण कांड में मिली कामयाबी
डोभाल ने ही 1999 में एयर इंडिया विमान अपहरण कांड में कंधार में आतंकवादियों के बातचीत की थी। डोभाल ने 33 वर्षों तक खुफिया अधिकारी के तौर पर काम किया है। इस दौरान वह पूर्वोत्तर, जम्मू और कश्मीर और पंजाब में तैनात रहे।
पाकिस्तान और इंग्लैंड में राजनयिक मिशनों पर तैनात रहे डोभाल करीब एक दशक तक खुफिया विभाग के ऑपरेशन विंग के प्रमुख रहे। उन्होंने मिजोरम में उग्रवाद के खिलाफ ऑपरेशन चलाया और उसमें सफलता हासिल की।
रिटायर होने के बाद डोभाल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन नाम से एक एनजीओ चला रहे थे। डोभाल भारतीय सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा बलों के बीच सहयोग बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं।
केवल छह साल की सेवा के दौरान पुलिस मेडल से सम्मानित होने वाले डोभाल पहले पुलिस अधिकारी हैं। आमतौर पर इसे 15 साल की सेवा के बाद दिया जाता है।