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'सांप्रदायिकता के नंगेपन से बेहतर धर्म निरपेक्षता का बुर्का'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 15 Jul 2013 06:18 PM IST
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सांप्रदायिकता के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बहस गरमा गई है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार के बयान पर कांग्रेस नेताओं ने चौतरफा हमला बोला है।
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मोदी के दावों और आरोपों का जवाब देने के लिए कांग्रेस ने अपने प्रमुख प्रवक्ता अजय माकन समेत प्रमुख वक्ताओं की पूरी ब्रिगेड उतार दी है।
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने विकास से लेकर खेलों तक, मिड डे मील से लेकर शिक्षा तक और भारत एवं चीन के सकल घरेलू उत्पाद तक के मामलों में उनके राज्य और विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार के प्रदर्शन को कठघरे में खड़ा किया।
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विकास के मुद्दों से भागने के लिए धर्मनिरपेक्षता के बुर्के में छिपने के मोदी के आरोप का करारा जवाब देते हुए माकन ने कहा है कि सांप्रदायिकता के नंगेपन से कहीं बेहतर है धर्म निरपेक्षता का बुर्का।
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उन्होंने कहा है, 'सांप्रदायिकता देश तोड़ती है जबकि धर्मनिरपेक्षता देश को जोड़ती है।'
एनडीए के मुकाबले यूपीए का विकास
कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन के मोदी के विकास के दावों के जवाब में एनडीए के दौर के विकास के आंकड़े पेश किए।
माकन ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में एनडीए के दौर से बेहतर विकास दर रही है। मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में औसतन 7.9 प्रतिशत वार्षिक रही है, जो एनडीए के काल में छह प्रतिशत से नीचे थी।
उन्होंने कहा कि रुपए का कमजोर होना अर्थव्यवस्था का एक पहलू है, लेकिन देश तेजी से विकास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों की संख्या 16 से बढ़कर 44 हो गई है जबकि आईआईटी 7 से बढ़कर 17 और आईआईएम 6 से बढ़कर 13 हो गए हैं।
गुजरात के विकास की तस्वीर पेश करते हुए माकन ने कहा कि वहां स्कूलों में शिक्षा अधूरी छोड़ने वालों का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है और मिड डे मील का दायरा भी देश के औसत से कम है। अनेक कॉलेजों और स्कूलों में प्रधानाचार्यों तथा शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में खाली हैं।
खेलों में बहुत पीछे है गुजरात
केंद्र में खेल मंत्रालय संभाल चुके माकन ने कहा कि मोदी राज्य गुजरात का खेलों में प्रदर्शन बहुत ही खराब है।
उन्होंने कहा कि जब मोदी देश को ओलंपिक खेलों में पदक दिलाने की बात करते हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि पिछले ओलंपिक में भारत के 83 खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया था, लेकिन इनमें से एक भी गुजरात का नहीं था।
झारखंड में हुए राष्ट्रीय खेलों में 444 स्वर्ण पदक जीतने वालों में एक भी खिलाड़ी उनके प्रदेश का नहीं था और कुल 1479 पदकों में से गुजरात को सिर्फ सात पदक मिले थे जबकि वहां के लोग खेलों में बहुत रुचि रखते हैं।
शिक्षा के मुद्दे पर माकन ने बताया कि जब मोदी इस मद में बहुत कम खर्च को लेकर केंद्र की आलोचना करते हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि एनडीए के कार्यकाल में शिक्षा पर जीडीपी का महज 1.67 प्रतिशत ही खर्च हुआ था, जबकि मौजूदा सरकार ने शिक्षा पर जीडीपी का 4.02 प्रतिशत खर्च किया है।
बुर्के वाले बयान पर बरसे कांग्रेस नेता
मोदी के बयान के जवाब में सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि सेक्युलिरज्म का बुर्का समावेशी है। ये हिंदू, मुस्लिम, सिख, जैन सभी संप्रदायों को समाहित कर लेता है, जबकि सांप्रदायिकता का घूंघट भेदभाव से भरा हुआ है।
मनीष तिवारी ने कहा कि वे (मोदी) अपनी भाषा में, जिन्हें कुत्ते के बच्चा मानते हैं, उसे सांप्रदायिकता के पहिए के नीचे कुचल देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता के मुद्दे पर हो रहा ये ध्रुवीकरण केवल हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच का ध्रुवीकरण नहीं है। ये दंगों के पीड़ितों और ये दंगा करने वाले के बीच का भी ध्रुवीकरण नहीं है, बल्कि आप कैसा भारत देखना चाहते हैं, ये उस विचार के लिए हो रहा ध्रुवीकरण है।