बादलों में विमान पर बर्फ जमने से हुआ हादसा
एयर एशिया का विमान बादलों के बीच ज्यादा ऊंचाई पर चला गया था, जिस वजह से उसके विमान इंजन पर बर्फ जम गई, जिससे उसे काफी नुकसान पहुंचा था। विमान दुर्घटना की यही सबसे संभावित वजह बताई जा रही है।
इस बीच, शनिवार को एयर एशिया के दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के जावा समुद्र से दो बडे़ हिस्से मिले हैं। तलाशी एवं बचाव दल को अभी तक विमान का ब्लैक बॉक्स भी नहीं मिल पाया है। फिलहाल खराब मौसम की वजह से विमान के पूरे मलबे की तलाशी अभियान में मुश्किलें आ रही है।
इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी ने कहा कि दुर्घटना की सबसे संभावित वजह बादलों के बीच जाने पर विमान पर बर्फ का जमना भी हो सकता है, जिसने विमान के इंजन को नुकसान पहुंचाया होगा। बीते रविवार को सुराबाया से सिंगापुर के लिए उड़ा एयर एशिया का क्यूजेड 8501 विमान जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इंडोनेशिया की तलाशी और बचाव एजेंसी के प्रमुख बंबांग सोएलिस्टयो ने कहा कि दो वस्तुएं पानी में करीब 30 मीटर अंदर पंगकलान बन के पास समुद्र की तलहटी में उस जगह दिखीं, जहां फैला हुआ तेल नजर आया था।
कांच की खिड़की जैसा मलबा मिला
सोएलिस्टयो ने कहा, पानी पर फैली तेल की परतें और दो बड़ी वस्तुएं मिलने पर हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि यह एयर एशिया के उस दुर्घटनाग्रस्त विमान का एक बड़ा हिस्सा है जिसे हम ढूंढ रहे हैं।
उन्होंने कहा, हम समुद्र की तलहटी में वस्तुओं की वास्तविक तस्वीर के लिए आरओवी (रिमोट द्वारा पानी के अंदर चलने वाला वाहन उपकरण) को पानी के नीचे भेज रहे हैं। सभी तीस मीटर की गहराई पर हैं. उन्होंने कहा कि ऊंची-ऊंची लहरें पानी के अंदर के वाहन को संचालन को मुश्किल बना रही हैं। अभी तक जावा समुद्र से अब तक 30 शव बरामद किए जा चुके हैं। सिंगापुर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कांच की खिड़की जैसा मलबा भी पाया गया है।
सुराबाया-सिंगापुर का मार्ग पर उड़ान स्थगित
इंडोनेशियाई हवाई यातायात मंत्रालय ने समझौते के उल्लंघन के कारण एयर एशिया के सुराबाया-सिंगापुर मार्ग को विमान का मलबा मिलने तक निलंबित कर दिया है।
रविवार को नहीं थी उड़ने की मंजूरी
एयर एशिया इंडोनेशिया को इस मार्ग पर चलने की अनुमति सिर्फ सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार के लिए ही है लेकिन वह इसका संचालन रविवार को भी कर रही थी। कहा जा रहा है कि विमान के पायलट ने उड़ान भरते समय मौसम रिपोर्ट भी नहीं मांगी थी, जबकि पायलटों को उड़ान भरने से पहले ऐसा करना चाहिए। इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि एयर एशिया का यह विमान ऐसे उड़ान समय में उड़ रहा था, जिसे अधिकारियों द्वारा मंजूरी नहीं दी गई थी। उसे रविवार को दुर्घटना वाले दिन सुराबाया-सिंगापुर मार्ग पर उड़ने की अनुमति नहीं थी।