आतंक के गढ़ सीरिया ने चमकाया था आगरा का शीशमहल
दुनिया भर में दुर्दांत आतंकी संगठन (इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया) ने सीरिया का नाम चर्चाओं में ला दिया है। इन दिनों आतंक का गढ़ बना सीरिया कभी अपने कांच के लिए मशहूर रहा है।
सीरिया के हलब प्रांत से आए कांच ने ही आगरा किले में मौजूद शीशमहल का चमकाया है।
मुगल शहंशाह शाहजहां ने सीरिया के हलब (अलप्पो) प्रांत से शीशा ए हलबी मंगवाकर न केवल आगरा, बल्कि लाहौर और दिल्ली किले में मौजूद शीशमहल को बनवाया था।
किले में शीशमहल का इतिहास पढ़कर पर्यटक सीरिया की इस खासियत को जानकर चौंक रहे हैं।
दिल्ली-लाहौर के किले में भी लगा है शीशा ए हलबी
सीरिया ने मुगलिया दौर में बनाए गए शीशमहलों को चमकाने का काम किया है। आगरा किला का शीशमहल मुगलिया दौर की शान ओ शौकत की पहचान है।
1631 से 1640 के बीच मुगल शहंशाह शाहजहां के काल में बनवाए गए शीशमहल में सफेद संगमरमर का फर्श है तो दीवारें लाइम प्लास्टर और सीरिया से आए कांच से बनाई गई हैं।
दो चेंबर वाले शीशमहल में हर एक चेंबर 127 मीटर क्षेत्र में है। संगमरमर से बने टैंक और फव्वारे के साथ शीशमहल में सीरिया का कांच और सोने का काम आकर्षण का केंद्र है।
शीशा-ए-हलबी दिया था नाम
फिल्म मुगल ए आजम में अनारकली के नृत्य में इसी शीशमहल का सेट तैयार किया गया था, जो बेहद चर्चित हुआ और उसी के बाद शीशमहल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया।
सीरिया के जिस हलब प्रांत से शाहजहां ने शीशा मंगवाया था, उसको इतिहासकार लाहौरी ने शीशा ए हलबी कहकर पुकारा।
सीरिया का यह सबसे बड़ा और प्रमुख प्रांत है, जिसमें सबसे ज्यादा लोग बसते हैं। सीरिया में सबसे ज्यादा पुरातत्व स्मारक इसी प्रांत में है और मुगलिया दौर में यहां से कारोबारी रिश्ते भी रहे।