फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   agni four test is successful

अग्नि -4 मिसाइल का परीक्षण सफल

Tue, 21 Jan 2014 09:02 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 21 Jan 2014 09:02 AM IST
विज्ञापन
agni four test is successful

भारत ने सोमवार को परमाणु क्षमता से लैस अग्नि मिसाइल-4 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इसकी मारक क्षमता 4000 किलोमीटर तक है।

विज्ञापन


एकीकृत टेस्ट रेंज के निदेशक एम वी के वी प्रसाद के मुताबिक ओडिशा के समुद्री तट से किया गया फायरिंग टेस्ट पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल ने अपने पूरे रेंज का सफर तय किया। परीक्षण व्हीलर आईलैंड पर आईटीआर के लांचिंग कॉम्प्लेक्स-4 से किया गया।

डीआरडीओ के अधिकारी के मुताबिक यह आधुनिक और उच्च स्तरीय तकनीक से लैस है और इसकी विश्वसनीयता काफी अधिक है। वजन में हल्की इस अत्याधुनिक मिसाइल में सॉलिड प्रपल्शन के दो चरण हैं। इसमें लगे पे-लोड 3000 डिग्री सेल्सियस तक का ताप झेल सकते हैं।
विज्ञापन


मिसाइल विकसित करने की पूरी प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। डीआरडीओ की ओर से किया गया यह तीसरा ट्रायल परीक्षण था। अग्नि-4 के सभी मानकों की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए ओडिशा के समुद्री तट के किनारे राडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अग्नि-4 के परीक्षण पर पूरी नजर रखने के लिए टार्गेट एरिया में भारतीय नौसेना के दो जहाज तैनात किए गए थे। मिसाइल का पिछला परीक्षण 19 सितंबर, 2012 में इसी बेस से किया गया था।

मिसाइल का परीक्षण सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर किया गया और इसे मोबाइल लांचर से दागा गया। इसकी शस्त्र, कमान और एकीकृत इकाइयों ने भी निर्धारित मानकों के अनुरूप काम किया। दो चरणों वाली इस मिसाइल का पहला हिस्सा 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर और दूसरा हिस्सा 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर अलग हो गया। इसके बाद दो मीटर लंबाई में परमाणु हथियार ले जाने वाले हिस्से ने करीब 850 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरी और बाद में इसने पांच किलोमीटर प्रति सेकंड की दनदनाती रफ्तार से पृथ्वी के वायु मंडल में प्रवेश किया।


सैन्य बलों के प्रतिनिधियों ने पूरे मिशन में सक्रिय हिस्सेदारी की। डीआरडीओ के प्रमुख अविनाश चंद्र ने इस सफलता के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल का तीसरा सफल परीक्षण था। अब इसे विकसित करने की पूरी प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। मिसाइल अब सेना में शामिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed